Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रविवार को कलार समाज द्वारा आयोजित नव निर्वाचित जनप्रतिनिधि सम्मान समारोह सामाजिक सौहार्द, एकता और प्रतिनिधित्व के प्रतीक के रूप में सम्पन्न हुआ। यह गरिमामयी आयोजन कलचुरी जायसवाल भवन, कोरबा में किया गया, जिसमें प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल एवं कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। समारोह की शुरुआत मां भारती एवं समाज के पूर्वजों के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके
पश्चात
मंच पर उपस्थित अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में कोरबा महापौर संजू देवी राजपूत, जनप्रतिनिधिगण, कलार समाज के पदाधिकारीगण, समाज के सम्मानित जन, महिला एवं युवा मंडल के सदस्यगण, बुद्धिजीवी एवं स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समाज के विकास में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अहम: श्याम बिहारी जायसवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा “कलार समाज ने हमेशा शिक्षा, व्यापार, सेवा और संस्कृति के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। आज जब हमारे समाज के लोग जनप्रतिनिधि बनकर आए हैं, तो यह समाज के गौरव की बात है। हम सभी को मिलकर समाज की एकता बनाए रखते हुए प्रदेश एवं राष्ट्र के विकास में भागीदार बनना है।” उन्होंने यह भी कहा कि सामाजिक संगठनों को चाहिए कि वे नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मार्गदर्शन दें, ताकि वे जनहित के निर्णय लेने में समर्थ बन सकें।

जनसेवा का संकल्प लें : लखनलाल देवांगन
कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन ने मंच से कहा कि चुनाव जीतना केवल शुरुआत है, असली कार्यकाल सेवा, पारदर्शिता और जवाबदेही से जुड़ा होता है। उन्होंने नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा, “आप सभी समाज के प्रतिनिधि हैं, लेकिन अब पूरे क्षेत्र के नागरिकों के भरोसे के प्रतीक भी हैं। समाज की आशाओं और सरकार की नीतियों के बीच सेतु बनने की जिम्मेदारी आप सब पर है।” समारोह में नव निर्वाचित पार्षद, जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधियों का
पुष्पमालाएं
पहनाकर, शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। समाज के वरिष्ठ जनों द्वारा मंच से प्रेरणास्पद वक्तव्य दिए गए, जिसमें समाज की एकता, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और महिला सशक्तिकरण पर बल दिया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए कलार समाज के प्रतिनिधियों ने एक-दूसरे से संवाद कर आपसी संबंध मजबूत किए। युवाओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुति के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा और सामाजिक एकता को दर्शाया। महिला मंडल द्वारा आयोजनों की सजावट एवं व्यवस्थाओं में सक्रिय भागीदारी सराहनीय रही।
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