भिलाई-अहिवारा में पीलिया पर स्वास्थ्य विभाग की सघन जांच, 149 घरों का भ्रमण

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Update: 2026-04-18 13:35 GMT
Durg. दुर्ग। जिले के भिलाई नगर और अहिवारा क्षेत्र में पीलिया (जॉन्डिस) के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने व्यापक निगरानी अभियान चलाया है। वार्ड-67 सेक्टर 7 पश्चिम सड़क 37 ए भिलाई नगर में पीलिया के मरीजों की सूचना मिलने के बाद 17 अप्रैल 2026 को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी के मार्गदर्शन में विशेष स्वास्थ्य टीम ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस अभियान में जिला सर्वेलेंस अधिकारी डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, सुपरवाइजर विजय सेजुले, बीईटीओ हितेंद्र कोसरे, स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता और मितानिनों की संयुक्त टीम ने कुल 109 घरों का भ्रमण किया। जांच के दौरान किसी भी नए पीलिया संक्रमित मरीज की पुष्टि नहीं हुई। क्षेत्र में पहले से कुल 37 मरीज चिन्हित किए गए थे, जिनमें से 2 मरीज शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज भिलाई में उपचाररत हैं।

जबकि 1 मरीज इलाज के बाद डिस्चार्ज हो चुका है। नगर निगम भिलाई की मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा भी लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें CBC, LFT, RFT और विडाल जैसी आवश्यक जांचें की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में विकासखंड धमधा के अंतर्गत अहिवारा क्षेत्र के वार्ड नंबर 05, 06 और 07 में भी पीलिया के मामलों की सूचना के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 17 अप्रैल को 40 घरों का निरीक्षण किया। इस जांच में जिला महामारी विशेषज्ञ, खंड चिकित्सा अधिकारी, बीईटीओ और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की टीम शामिल रही। इस क्षेत्र में भी किसी नए मरीज की पुष्टि नहीं हुई है। आंकड़ों के अनुसार 04 अप्रैल से 17 अप्रैल 2026 तक अहिवारा क्षेत्र में कुल 12 पीलिया के मरीज सामने आए हैं।

जिनमें से 6 मरीजों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती किया गया। वर्तमान में 3 मरीज उपचाररत हैं, जिनमें से 2 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अहिवारा और 1 श्री शंकराचार्य कॉलेज जुनवानी में इलाज ले रहे हैं। सभी मरीजों की स्थिति सामान्य बताई गई है। जल स्रोतों की जांच के तहत 7 पानी के सैंपल चंदूलाल चंद्राकर मेडिकल कॉलेज कचान्दुर, दुर्ग भेजे गए हैं ताकि संक्रमण के कारणों की जांच की जा सके। नगर पालिका अहिवारा द्वारा पेयजल पाइपलाइन की मरम्मत और सुधार कार्य भी किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पीलिया एक संक्रामक रोग है जो दूषित पानी और भोजन से फैलता है। यह विषाणुजनित संक्रमण होता है, जिसके लक्षण 15 से 50 दिनों के भीतर दिखाई देते हैं। इसके प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना, पीले रंग का पेशाब, उल्टी, सिर दर्द, कमजोरी, थकावट, पेट के दाहिने हिस्से में दर्द और आंखों व त्वचा का पीला होना शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे साफ पानी का उपयोग करें, खुले भोजन से बचें और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। विभाग ने आश्वासन दिया है कि पूरे क्षेत्र में निगरानी लगातार जारी रहेगी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
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