2 करोड़ की गांजा तस्करी का बैकवर्ड लिंक से हुआ खुलासा, सप्लायर गिरफ्तार
छग
Mahasamund. महासमुंद। ऑपरेशन निश्चय के तहत गांजा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई में महासमुंद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में फॉर्च्यूनर और स्कॉर्पियो से 281 किलो 900 ग्राम गांजा बरामद किए जाने के मामले की जांच करते हुए पुलिस अब कथित मुख्य सप्लायर तक पहुंच गई है। गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और जब्त मोबाइल फोन के डेटा के तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पुलिस ने ओडिशा के देवगढ़ क्षेत्र से किशोर कुमार नायक को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी इस मामले में गांजा उपलब्ध कराने वाला मुख्य सोर्स यानी बैकवर्ड लिंक है। इस मामले में इससे पहले पांच गांजा परिवहनकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। दोनों वाहनों से बरामद गांजे की कीमत करीब 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये बताई गई थी। गांजा, फॉर्च्यूनर, स्कॉर्पियो और मोबाइल फोन सहित मामले में कुल 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। पुलिस के अनुसार एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में एंड-टू-एंड और फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के साथ सोर्स प्वाइंट और डेस्टिनेशन प्वाइंट तक पहुंचने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसी के तहत सिंघोड़ा थाने में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के प्रकरण की जांच का दायरा बढ़ाया गया।
NH-53 पर पकड़ा गया था 281 किलो गांजा
मामले की शुरुआत 3 अप्रैल 2026 को हुई थी। मुखबिर से मिली सूचना पर सिंघोड़ा पुलिस ने NH-53 पर ग्राम रेहटीखोल के पास नाकाबंदी की थी। इस दौरान काले रंग की फॉर्च्यूनर क्रमांक MH12 WC 0090 और स्कॉर्पियो क्रमांक MH12 YH 0925 को रोककर तलाशी ली गई। फॉर्च्यूनर की पिछली सीट के अंदर और स्कॉर्पियो की बीच एवं पिछली सीट में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। दोनों वाहनों से कुल 281 किलो 900 ग्राम गांजा जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये आंकी गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा क्षेत्र से लोड कर पुणे ले जाने की जानकारी दी थी। मामले में महाराष्ट्र निवासी प्रशांत शंकर गोले, क्षितिज वीरसेन जाधव, अक्षय नंदकुमार निगम, अभिषेक डेविड जगले और महेश काटकर को गिरफ्तार किया गया था। पांचों को न्यायिक रिमांड पर भेजने के बाद भी पुलिस ने नेटवर्क की जांच जारी रखी।
मोबाइल डेटा से मिला मुख्य सोर्स का सुराग
पुलिस ने गांजा लेकर जाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी तक जांच सीमित नहीं रखी। उनसे मिली जानकारियों और जब्त मोबाइल फोन के डेटा का तकनीकी विश्लेषण किया गया। कॉल और अन्य उपलब्ध तकनीकी जानकारियों के आधार पर पुलिस ने इस खेप के कथित मुख्य सोर्स का पता लगाने की दिशा में जांच आगे बढ़ाई। पुलिस का दावा है कि जांच में ओडिशा के देवगढ़ जिले के गुलाबबंद निवासी 36 वर्षीय किशोर कुमार नायक की भूमिका सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और 10 सितंबर 2026 को उसे गुलाबबंद क्षेत्र से गिरफ्तार किया। आरोपी को महासमुंद लाकर वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित संपर्कों और गांजे की सप्लाई चेन के संबंध में भी जानकारी जुटा रही है।
2.06 करोड़ की संपत्ति हो चुकी जब्त
इस प्रकरण में पुलिस अब तक 281 किलो 900 ग्राम गांजा जब्त कर चुकी है, जिसकी कीमत 1 करोड़ 40 लाख 95 हजार रुपये बताई गई है। गांजा परिवहन में इस्तेमाल करीब 40 लाख रुपये की फॉर्च्यूनर और करीब 25 लाख रुपये की स्कॉर्पियो भी जब्त की गई है। इसके अलावा चार मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत 50 हजार रुपये बताई गई है। इस तरह मामले में जब्त कुल संपत्ति की कीमत करीब 2 करोड़ 6 लाख 45 हजार रुपये है। सिंघोड़ा पुलिस ने प्रकरण में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(II)(C) और 29(1) के तहत कार्रवाई की है।
मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी को पुलिस गांजा तस्करी नेटवर्क के बैकवर्ड लिंक तक पहुंचने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मान रही है। पुलिस के अनुसार मादक पदार्थ तस्करी के मामलों में केवल परिवहन करने वाले लोगों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी जाएगी, बल्कि गांजा कहां से आया, किसने उपलब्ध कराया और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। वित्तीय लेन-देन और अन्य तकनीकी पहलुओं की पड़ताल के जरिए नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका का भी पता लगाया जाएगा। ऑपरेशन निश्चय के तहत महासमुंद पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। इस मामले में पांच परिवहनकर्ताओं के बाद कथित मुख्य सप्लायर की गिरफ्तारी से जांच अब तस्करी नेटवर्क की आगे और पीछे की कड़ियों पर केंद्रित हो गई है।