Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ में GST विभाग ने फर्जी बिलिंग के एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए राजधानी रायपुर के उद्योगपति और इंडियन मेटल्स अलॉय के डायरेक्टर इशाक खान को गिरफ्तार किया है। इशाक खान पर करीब 40 करोड़ रुपए के एल्युमिनियम की फर्जी बिलिंग करने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई ने औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है। मामले की जांच डायरेक्टरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI), बिलासपुर यूनिट द्वारा की जा रही है। जानकारी के अनुसार, विभाग की 15 सदस्यीय टीम ने बीते दो दिनों तक रायपुर के पांच अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान टीम को ऐसे कई दस्तावेज मिले जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इशाक खान ने अपनी कंपनी के नाम पर बिना वास्तविक लेन-देन के करोड़ों की फर्जी बिलिंग की है।
पूछताछ और दस्तावेजी जांच के बाद इशाक खान की गिरफ्तारी हुई। उन्हें स्थानीय अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। विभाग ने बताया कि इस मामले में और भी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव हैं। इससे पहले भी, सेंट्रल GST की 17 सदस्यीय टीम ने रायपुर के तेंदुआ और सिलतरा स्थित दो उद्योगों पर छापेमार कार्रवाई की थी। इस कार्रवाई में करीब 40 लाख रुपए की टैक्स रिकवरी की गई थी। यह पूरी कार्रवाई सेंट्रल जीएसटी प्रिंसिपल कमिश्नर पराग बोलकर, ज्वाइंट कमिश्नर बीएन संदीप और असिस्टेंट कमिश्नर मिर्जा शाहिद बैग के निर्देश पर की गई थी। GST विभाग के अनुसार, इशाक खान ने अपने व्यापारिक नेटवर्क के माध्यम से बिना किसी वास्तविक सप्लाई के केवल कागजों पर ही करोड़ों की एल्युमिनियम की बिक्री दर्शाई, जिससे वह टैक्स इनपुट क्रेडिट क्लेम कर सके। DGGI की टीम ने इन तथ्यों को जांच के आधार पर पुष्ट करते हुए IPC की धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत भी केस दर्ज किया है।
कड़ी निगरानी में GST विभाग
प्रदेश में GST विभाग लगातार टैक्स चोरी और फर्जी बिलिंग के मामलों पर नजर बनाए हुए है। विभाग ने चेतावनी दी है कि फर्जीवाड़ा करने वाले कारोबारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। GST चोरी को लेकर छत्तीसगढ़ में लगातार बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है और उद्योगों पर विभाग की पैनी नजर है।
क्या है फर्जी बिलिंग का पूरा खेल?
फर्जी बिलिंग का मकसद होता है बिना असली माल के लेन-देन केवल कागजों पर इनवॉइस बनाकर टैक्स क्रेडिट लेना। इससे सरकार को राजस्व की भारी क्षति होती है। इस तरह की गतिविधियां कानून के गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आती हैं और दोषी पाए जाने पर कई वर्षों तक की जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है। GST विभाग की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में अब तक की सबसे बड़ी छापेमारी और गिरफ्तारी में से एक मानी जा रही है।
अब आगे क्या?
GST विभाग इशाक खान से जुड़े अन्य उद्योगपतियों और उनके व्यापारिक लेन-देन की जांच कर रहा है। विभाग का मानना है कि इशाक खान किसी बड़े फर्जीवाड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकते हैं। अगर यह साबित हुआ, तो यह कार्रवाई और भी बड़े घोटाले का खुलासा कर सकती है।