Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत विकसित भारत जीरामजी (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के माध्यम से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बालिका शौचालय विहीन 48 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 206 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं को आवश्यक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित,
सुविधाजनक
एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत जिले के ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जहां बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। चयनित स्कूलों में अब वीबीजीरामजी योजना के माध्यम से बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।
तीन विकासखंडों के 48 स्कूलों में निर्माण
कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले में ग्रामीण अधोसंरचना एवं जनसुविधाओं से जुड़े रोजगारमूलक कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बालिका शौचालय निर्माण के लिए विकासखंडवार स्थिति
सारंगढ़ विकासखंड – 09 स्कूल
बिलाईगढ़ विकासखंड – 20 स्कूल
बरमकेला विकासखंड – 19 स्कूल
जिले के कुल 48 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
ले-आउट के साथ शुरू हुआ निर्माण कार्य
चयनित स्कूलों में तकनीकी सहायकों द्वारा स्थल निरीक्षण कर आवश्यक ले-आउट प्रदान किया जा रहा है, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर बालिकाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ उपलब्ध कराया जाए।
मानकों के अनुरूप होगा गुणवत्तापूर्ण निर्माण
बालिका शौचालयों का निर्माण वीबीजीरामजी योजना के निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता, उपयोगिता एवं आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कलेक्टर पदमिनी भोई साहू ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधायुक्त शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बालिकाओं की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता
कलेक्टर के निर्देशन में यह पहल केवल शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छता, सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले के 48 स्कूलों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को दैनिक आवश्यकताओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा विद्यालयों में उनके लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
Tags: