जिला पंचायत सदस्य से दुष्कर्म करने वाले फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को मिली आजीवन कारावास की सजा

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Update: 2025-11-06 13:23 GMT
Raipur. रायपुर। जिला पंचायत सदस्य युवती से शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने, अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देने और रायपुर के ओयो लॉज में बंधक बनाकर बलात्कार करने वाले फूड इंस्पेक्टर प्रहलाद राठौर को रायपुर की विशेष अदालत ने कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे 8 हजार रुपए अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने की स्थिति में उसे 6 माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (अपर सत्र न्यायालय) पंकज कुमार सिन्हा की अदालत ने सोमवार, 3 नवंबर 2025 को सुनाया।

शादी का झांसा देकर बनाया संबंध, फिर वायरल करने की धमकी
इस गंभीर मामले की सुनवाई के दौरान विशेष लोक अभियोजक उमा शंकर वर्मा ने बताया कि दोषी प्रहलाद राठौर की पहचान करीब तीन साल पहले एक जिला पंचायत सदस्य युवती से रायपुर के पड़ोसी जिले में हुई थी। मोबाइल नंबर साझा करने के बाद दोनों के बीच लगातार बातचीत होने लगी। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताते हुए युवती से नजदीकियां बढ़ाईं। लगभग 18 माह तक दोनों रिलेशन में रहे। बाद में जब युवती को यह पता चला कि राठौर पहले से शादीशुदा है, तो उसने उससे दूरी बना ली। इसके बाद आरोपी ने संबंधों को सार्वजनिक करने और अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे बार-बार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। युवती ने स्पष्ट रूप से संबंध खत्म करने की बात कही, लेकिन राठौर लगातार ब्लैकमेल करता रहा।

वीडियो डिलीट करने के बहाने बुलाया, ओयो लॉज में किया बलात्कार
अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने 28 फरवरी 2023 को युवती को फोन कर कहा कि वह उसके सामने ही वीडियो डिलीट कर देगा। उसकी बातों पर भरोसा करते हुए युवती रात करीब 9:30 बजे रायपुर पहुंची, जहां राठौर ने उसे अपनी कार में बैठाकर कचना इलाके स्थित एक ओयो लॉज में ले गया। वहां उसने युवती के हाथ-पैर बांध दिए और जबरदस्ती दुष्कर्म किया। दूसरे दिन जब युवती को छोड़ने की बात कही गई, तो राठौर ने अपने कुछ साथियों – प्रमिला साहू, कौशल प्रसाद साहू, रजनीकांत साहू, उर्मिला साहू और अनिता साहू – को बुलाया। सभी ने मिलकर भटगांव तालाब के पास युवती की पिटाई की, उसका पर्स छीना और देर रात करीब 2 बजे उसे रायपुर के पड़ोसी जिले में छोड़कर भाग गए।

थाने में शिकायत, पुलिस ने पेश किए 23 गवाह
पीड़िता ने किसी तरह अपने घर पहुंचकर रायपुर के खम्हारडीह थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल घटनास्थल पर पहुंचकर सबूत इकट्ठे किए और आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, अपहरण, धमकी और मारपीट की धाराओं में मामला दर्ज किया। मामले की विवेचना के दौरान पुलिस ने कोर्ट में 23 गवाहों के बयान दर्ज कराए और केस डायरी के साथ वीडियो, कॉल डिटेल्स, तथा मेडिकल रिपोर्ट पेश की। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपी ने न सिर्फ पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया बल्कि अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए अपराध को अंजाम दिया।

कोर्ट ने माना अपराध गंभीर, सुनाई कठोर आजीवन कारावास
लंबी सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिन्हा ने आरोपी प्रहलाद राठौर को दोषी ठहराते हुए कहा कि उसने “महिला की गरिमा और विश्वास को रौंदा है।” अदालत ने कहा कि ऐसा अपराध समाज के लिए निंदनीय उदाहरण है, जिसमें आरोपी ने सत्ता और पद की आड़ में महिला की अस्मिता को रौंदा। कोर्ट ने आरोपी को आजीवन कारावास और 8 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में राठौर को 6 माह की अतिरिक्त कठोर कैद भुगतनी होगी। इस प्रकरण में सहयोग करने वाले अन्य सहआरोपियों को पहले ही दोषी पाते हुए सजा दी जा चुकी है। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने दोषी राठौर को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
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