Bilaspur. बिलासपुर। बिलासपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर के साथ अभद्रता किए जाने की घटना के बाद राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। शुक्रवार को भाजपा युवा मोर्चा ने इस घटना का विरोध जताते हुए अमर अग्रवाल के निवास से रैली निकालकर सिविल लाइन थाने का घेराव किया। रैली में युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएसपी बिलासपुर को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन को अंजाम देंगे। भाजपा युवा मोर्चा का कहना है कि मुख्यमंत्री की छवि के साथ इस तरह की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं पर FIR दर्ज कर दी। भाजपा युवा मोर्चा की शिकायत पर पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय केशरवानी, विजय पांडेय सहित अन्य नेताओं के खिलाफ धारा 190, 191(2), 126(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने कहा कि मामला गंभीर है और जांच जारी है। गौरतलब है कि गुरुवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया था, जिसमें शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर नेहरू चौक से कलेक्टर कार्यालय तक विशाल रैली निकाली गई थी। प्रदर्शन में सड़क व्यवस्था, बिजली बिल, धान खरीदी की अव्यवस्थाएं और रजिस्ट्री से जुड़ी शिकायतें प्रमुख मुद्दे रहे। रैली के दौरान कलेक्टर कार्यालय के घेराव के समय पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी।
भाजपा युवा मोर्चा का आरोप है कि इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की तस्वीर के साथ अभद्रता की, जो कि राजनीतिक रूप से और सामाजिक रूप से अनुचित है। मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR और उचित कार्रवाई नहीं हुई तो वे और बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे। कांग्रेस की प्रतिक्रिया में कहा गया कि यह प्रदर्शन केवल शहरवासियों की समस्याओं को उजागर करने और प्रशासन तक उनकी आवाज पहुंचाने के लिए था। उन्होंने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की अभद्रता का समर्थन नहीं किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और CCTV फुटेज तथा घटनास्थल के अन्य प्रमाणों के आधार पर सटीक विवरण सामने लाया जाएगा। FIR दर्ज होने के बाद दोनों पक्षों में तनाव कम करने के लिए वार्ता की संभावना पर भी चर्चा की जा रही है। इस घटना ने बिलासपुर में राजनीतिक गरमाहट को बढ़ा दिया है। शहर में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है और प्रशासन ने कहा कि भविष्य में किसी भी तरह की हिंसा या कानून-व्यवस्था भंग करने वाली गतिविधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों ने जनता और समर्थकों को शांत रहने की अपील की है, लेकिन राजनीतिक हलकों में कहा जा रहा है कि इस घटना के चलते आगामी दिनों में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन तेज हो सकते हैं।