Raipur. रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना ग्रामीण परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है। रायपुर जिले के गोबरा नवापारा तहसील के ग्राम कुर्रा में इस योजना ने एक परिवार की वर्षों पुरानी चिंता को दूर किया है। पीढ़ियों से जिस घर में मोतीलाल का परिवार रह रहा था, उसकी सरकारी अभिलेखों में स्पष्ट पहचान नहीं थी। घर और जमीन से जुड़ा विधिवत दस्तावेज न होने के कारण परिवार के पास अपनी संपत्ति का पर्याप्त दस्तावेजी आधार नहीं था। स्वामित्व योजना के तहत हुए ड्रोन सर्वे ने इस स्थिति को बदलने का रास्ता तैयार किया। ग्राम कुर्रा में ड्रोन से आबादी क्षेत्र का सर्वे किया गया। सर्वे के बाद आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूरी कर मोतीलाल पिता गुहरी राम के पुश्तैनी मकान की पहचान की गई।
उन्हें पट्टा एवं भू-अधिकार संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। अब संपत्ति की खसरा क्रमांक और रकबा सहित सरकारी अभिलेखों में स्पष्ट पहचान है। मोतीलाल की पत्नी तिजिया बाई साहू कहती हैं, "वर्षों से जिस घर में रह रहे थे, अब उसकी सरकारी रिकॉर्ड में भी पहचान है। इससे हमें अपनी संपत्ति को लेकर सुरक्षा और भरोसा मिला है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।" एक परिवार के लिए यह बदलाव सिर्फ कागज मिलने तक सीमित नहीं है। पुश्तैनी घर को मिली दस्तावेजी पहचान ने उसके अधिकार, सुरक्षा और भविष्य को लेकर परिवार का भरोसा मजबूत किया है। कुर्रा की यह कहानी दिखाती है कि ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक और राजस्व व्यवस्था का समन्वय किस तरह ग्रामीण परिवारों की वर्षों पुरानी संपत्ति को अभिलेखीय पहचान देने में मददगार बन रहा है।