Raipur. रायपुर। यह कहानी है देवेंद्र नगर निवासी मनिंदर कौर के हौसले और जज्बे की। कुछ महीने पूर्व मोमबत्ती से जलने के कारण वे गंभीर रूप से अस्वस्थ हो गई थीं। ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी थी, लेकिन मनिंदर ने हार नहीं मानी। बिस्तर पर रहते हुए ही उन्होंने जेईई मेंस की तैयारी शुरू कर दी और अपने अथक परिश्रम से ऑल इंडिया 281वां रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया। रैंक तो आ गई, पर आर्थिक समस्या के कारण एसवीएनआईटी सूरत में एडमिशन लेना उनके लिए चुनौती बन गया।
ऐसे में मनिंदर अपनी माता के साथ कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह से मुलाकात करने पहुंचीं और आर्थिक मदद की मांग की। कलेक्टर डॉ. सिंह ने संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल उनकी माता का श्रम पंजीयन चेक करवाया और श्रम विभाग की छात्रवृत्ति एवं अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए श्रम कार्ड के नवीनीकरण की प्रक्रिया शुरू करवाई।
बच्ची को तत्काल मदद पहुंचाने के ध्येय से कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने अपने स्वयं के वेतन से राशि एकत्र कर लगभग तीन लाख रुपये की आर्थिक सहायता परिवार को प्रदान की, जिससे मनिंदर का एडमिशन का सपना पूरा हो सका। और मनिंदर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एडमिशन लिया।
श्रम दिवस के अवसर पर इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रमिक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मनिंदर की इस उपलब्धि को सम्मानित करते हुए उनकी माता को मनिंदर के लिए लैपटॉप भेंट किया। मनिंदर की माता जसबीर कौर ने कहा कि मेरी बेटी की पढ़ाई के लिए शासन और प्रशासन ने बहुत मदद की। इसके लिए मैं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन को दिल से धन्यवाद देती हूं। अब मेरी बेटी अच्छे से पढ़-लिखकर इंजीनियर बनेगी और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेगी।
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