Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के घड़ी चौक स्थित DKS स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में मरीज से मिलने पहुंचे परिजनों के साथ कथित तौर पर विवाद, गाली-गलौज और धक्का-मुक्की का मामला सामने आया है। मरीज के बड़े भाई तरुण जगत ने संबंधित डॉक्टर के खिलाफ शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना की वीडियो रिकॉर्डिंग उनके मोबाइल में सुरक्षित है और मौके पर मौजूद लोगों को गवाह बनाया गया है।
मरीज से मिलने पहुंचे थे परिजन
शिकायत के अनुसार, तरुण जगत दुर्गा नगर, पंडरी निवासी हैं और DKS स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में भर्ती मरीज भरत जगत के बड़े भाई हैं। तरुण का कहना है कि 1 सितंबर 2026 की सुबह करीब 7:40 बजे वह अपने परिवार के सदस्यों के साथ अस्पताल में भर्ती भरत जगत से मिलने पहुंचे थे। शिकायतकर्ता के मुताबिक, इसी दौरान वहां मौजूद डॉक्टर के साथ किसी बात को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान डॉक्टर ने मरीज के परिजनों के साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की की।
विरोध करने पर धमकी देने का आरोप
तरुण जगत ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि जब परिवार के सदस्यों ने कथित व्यवहार का विरोध किया तो डॉक्टर ने उन्हें धमकी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार डॉक्टर ने कहा, "जो उखाड़ना है उखाड़ लो।" तरुण का कहना है कि इस दौरान हुई पूरी घटना की वीडियोग्राफी उनके मोबाइल फोन में मौजूद है। उन्होंने वीडियो को घटना का साक्ष्य बताते हुए संबंधित डॉक्टर के खिलाफ उचित वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
चार लोगों को बनाया गवाह
शिकायत में घटना के समय मौके पर मौजूद चार लोगों को गवाह बताया गया है। इनमें यीशु सोना, राज नायक, आर्यन सोनी और शंभू निहाल शामिल हैं। शिकायतकर्ता ने पुलिस अथवा संबंधित अधिकारियों से वीडियो साक्ष्य और गवाहों के बयान के आधार पर मामले की जांच करने की मांग की है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने और परिवार को न्याय दिलाने का अनुरोध किया है। फिलहाल सामने आई जानकारी शिकायतकर्ता की ओर से दी गई शिकायत और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। घटना के संबंध में संबंधित डॉक्टर का पक्ष अथवा अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में शिकायत, वीडियो फुटेज और गवाहों के बयानों की जांच के बाद ही विवाद की पूरी वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। मामले में पुलिस या संबंधित विभाग द्वारा आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी नजर बनी हुई है। यदि वीडियो साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।