तम्बाकू नियंत्रण पर जिला स्तरीय बैठक, कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश

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Update: 2026-03-03 15:43 GMT
Mahasamund. महासमुंद। राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम (NTCP) के अंतर्गत महासमुंद में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने की। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव, डीपीएम नीलू घृतलहरे, जिला नोडल अधिकारी (एनटीसीपी) डॉ. छत्रपाल चंद्राकर तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक में कलेक्टर ने जिले के समस्त शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू उत्पाद बेचने वाली दुकानों पर सख्त चालानी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कदम बच्चों और युवाओं को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाने के लिए अत्यंत आवश्यक है। साथ ही, चयनित ग्राम पंचायतों को धूम्रपान मुक्त बनाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता अभियान संचालित करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने योजना बनाई कि ग्राम पंचायतों के विद्यालय, पंचायत कार्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और अन्य सार्वजनिक स्थलों को तंबाकू मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समस्त शासकीय कार्यालयों में कोटपा अधिनियम 2003 की धारा 4 के अंतर्गत “धूम्रपान निषेध” संबंधी सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। यह कदम सरकारी कार्यालयों में तंबाकू सेवन पर अंकुश लगाने और जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है। डीपीएम नीलू घृतलहरे ने इस दौरान जिले के शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू मुक्त घोषित करने और चयनित ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जन-जागरूकता कार्यक्रमों, स्कूल कार्यशालाओं और समुदाय आधारित पहलों के माध्यम से युवाओं में तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति चेतना बढ़ाई जाएगी।
जिला प्रशासन ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य न केवल बच्चों और युवाओं को तंबाकू के नुकसान से बचाना है, बल्कि समुदाय में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करना भी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इस बैठक के जरिए महासमुंद जिले में तंबाकू नियंत्रण को प्रभावी ढंग से लागू करने की रणनीति तैयार की गई, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक समन्वय के माध्यम से तंबाकू मुक्त वातावरण सुनिश्चित करना प्रमुख लक्ष्य है।
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