Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के उरला औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रविवार को विजय ट्रांसमिशन नामक फैक्ट्री में हुए हादसे में एक स्थानीय ग्रामीण की मौत हो गई। मृतक की पहचान रामजी निषाद के रूप में हुई है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण फैक्ट्री के सामने पहुंचकर धरना प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि उरला औद्योगिक क्षेत्र स्थित विजय ट्रांसमिशन फैक्ट्री में यह हादसा हुआ। हादसे में स्थानीय ग्रामीण रामजी निषाद की जान चली गई। घटना के बाद आसपास के लोगों को इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में ग्रामीण फैक्ट्री के बाहर एकत्र हो गए। देखते ही देखते मौके पर प्रदर्शन शुरू हो गया।
ग्रामीणों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों की ओर से पर्याप्त कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, विजय ट्रांसमिशन फैक्ट्री में कुछ दिन पहले भी एक अन्य हादसा हुआ था, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी। इसके अलावा पिछले एक सप्ताह के दौरान उरला क्षेत्र की तीन फैक्ट्रियों, ईश्वर TMT, बालाजी स्टील और विजय ट्रांसमिशन में अलग-अलग हादसे सामने आए हैं। इन घटनाओं में दो श्रमिकों की मौत होने की बात सामने आई है, जबकि करीब आधा दर्जन श्रमिक घायल हुए हैं। लगातार हो रही इन घटनाओं ने औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रामजी निषाद की मौत के बाद ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने फैक्ट्री के बाहर पहुंचकर धरना शुरू कर दिया और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। उनका कहना है कि फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम होने चाहिए, लेकिन कथित तौर पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों ने हादसे की निष्पक्ष जांच कराने और लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों से बातचीत की और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। फिलहाल ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर फैक्ट्री के सामने डटे हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक मृतक के परिवार को उचित मुआवजा और न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
श्रमिक नेता राज सिंह हाड़ा ने फैक्ट्री में लगातार हो रहे हादसों को लेकर प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कंपनी में आए दिन हादसे सामने आ रहे हैं और श्रमिकों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। उनके मुताबिक, फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से सुरक्षा को लेकर उचित इंतजाम नहीं किए गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यहां काम करने वाले श्रमिकों का PF नहीं काटा जाता और उन्हें ESIC की सुविधा भी नहीं दी जाती। राज सिंह हाड़ा ने कहा कि रविवार को फैक्ट्री में गांव के एक व्यक्ति की मौत हुई है। वे पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने के लिए मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बाद भी फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से कोई जिम्मेदार व्यक्ति ग्रामीणों और प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने के लिए सामने नहीं आया। इससे लोगों का आक्रोश और बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय और उचित मुआवजा मिलना चाहिए। साथ ही फैक्ट्री में सुरक्षा व्यवस्था की जांच होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि फैक्ट्री में श्रमिकों की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और यदि जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उरला औद्योगिक क्षेत्र में लगातार सामने आ रहे हादसों को देखते हुए फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। श्रमिकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन के साथ कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। फिलहाल पुलिस मौके पर मौजूद है और ग्रामीणों का प्रदर्शन जारी है। घटना को लेकर आगे की कार्रवाई और जांच के बाद ही हादसे की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।