Raipur. रायपुर। नवा रायपुर स्थित आवासीय कार्यालय में छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं मण्डला सांसद श्री फग्गन सिंह कुलस्ते से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मंत्री ने कुलस्ते का आत्मीय स्वागत किया और उन्हें शॉल एवं आदिवासी भाई-बहनों द्वारा निर्मित पारंपरिक ‘ढोंगर कला’ का स्मृति चिन्ह भेंट किया। भेंटवार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ में इस्पात उद्योग के विस्तार, औद्योगिक निवेश और क्षेत्रीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में यह भी विचार किया गया कि राज्य में उद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और रोजगार सृजन के लिए क्या-क्या नीतिगत कदम उठाए जा सकते हैं।
राम विचार नेताम ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों और औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। राज्य की नीतियां और निवेश के अनुकूल माहौल उद्योगपतियों को आकर्षित कर सकते हैं। वहीं, फग्गन सिंह कुलस्ते ने भी राज्य में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया और साझा किया कि स्थानीय समुदाय और आदिवासी क्षेत्र की भागीदारी उद्योगिक परियोजनाओं में सुनिश्चित की जानी चाहिए। भेंटवार्ता में उद्योग और क्षेत्रीय विकास के अलावा सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला और शिल्प को बढ़ावा देने के महत्व पर जोर दिया। आदिवासी भाई-बहनों द्वारा बनाई गई ‘ढोंगर कला’ की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है और पर्यटन व उद्योगिक निवेश के साथ इसका समन्वय किया जा सकता है।
कुलस्ते ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा निवेश और उद्योगिक विकास को लेकर जो पहल की जा रही है, वह सकारात्मक हैं और इससे राज्य के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने उद्योगिक निवेश के लिए संभावित क्षेत्रों की पहचान और स्थानीय लोगों के कौशल विकास पर भी सुझाव दिए। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने छत्तीसगढ़ को औद्योगिक और सांस्कृतिक दृष्टि से आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई। बैठक में निवेशकों के लिए नए अवसर, इस्पात और अन्य उद्योगों में विस्तार, और क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर सकारात्मक और रचनात्मक विचार विमर्श हुआ। भेंटवार्ता का यह आयोजन राज्य में औद्योगिक निवेश, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक संरक्षण के महत्व को उजागर करता है। इससे यह संदेश जाता है कि सरकार और सांसद मिलकर उद्योग और स्थानीय समुदाय के बीच समन्वय स्थापित कर रहे हैं।