Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी बाबुओं की रिश्वतखोरी को लेकर शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर रायपुर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों का तबादला कर दिया है। शिकायत में आरोप था कि तहसील कार्यालय के कुछ बाबुओं ने नकल कॉपी देने के एवज में वकीलों से रिश्वत मांगने का प्रयास किया, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और नागरिक सुविधा प्रभावित हो रही थी। शिकायत मिलने के बाद कलेक्टर ने वित्त शाखा के माध्यम से आदेश जारी कर स्थिति को नियंत्रण में लिया।
आदेश संख्या 285, दिनांक 27 फरवरी 2026, कार्यालय कलेक्टर, वित्त शाखा, जिला रायपुर (छ.ग.) के तहत प्रशासनिक कार्य संचालन व्यवस्था के दृष्टिकोण से तहसील कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को उनके नाम के सम्मुख निर्दिष्ट नई पदस्थापन शाखाओं/तहसीलों में अस्थायी रूप से कार्य संपादन हेतु आदेशित किया गया। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा और आगामी आदेश तक लागू रहेगा।
आदेश के अनुसार, तहसील रायपुर में पदस्थ कई सहायक ग्रेड 2 और ग्रेड 3 के कर्मचारियों को आरंग, धरसीवा, अभनपुर, खरोरा, नदिरहसीद, गोवरानयापारा, मंदिर हसीद आदि तहसीलों और जिला कार्यालय की शाखाओं में स्थानांतरित किया गया। इसमें प्रमुख रूप से पी. के. हेडऊ, सहा ग्रेड-2, महेन्द्र सिंह ठाकुर, सहा ग्रेड-3, सैय्यद नासिर अली, सहा ग्रेड-3, अनमोल शर्मा, सहा ग्रेड-3, विनोद कुमार वर्मा, सहा ग्रेड-3 सहित अन्य कर्मचारियों का नाम शामिल है।
तहसील कार्यालयों में इन कर्मचारियों के स्थानांतरण का उद्देश्य न केवल शिकायतों के निवारण और जवाबदेही सुनिश्चित करना है, बल्कि भविष्य में भ्रष्टाचार और अनुचित व्यवहार पर रोक लगाना भी है। कलेक्टर रायपुर ने स्पष्ट किया कि सभी कर्मचारी अपने नए पदस्थापनों पर पूर्ण रूप से कार्य संपादन करेंगे और कार्य की निगरानी जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी।
वकीलों और आम जनता से प्राप्त शिकायतों के आधार पर किए गए इस प्रशासनिक सुधार से सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया गया है। तहसील कर्मचारियों के स्थानांतरण के माध्यम से यह संदेश भी गया कि किसी भी प्रकार की रिश्वतखोरी और अनुचित व्यवहार प्रशासन द्वारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारी अस्थायी पदस्थापनों पर नवीन कार्य संचालन प्रारंभ करेंगे और किसी भी विवाद या शिकायत की स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा तत्काल हस्तक्षेप किया जाएगा। इसमें स्थानीय निवाचन शाखा, अधीक्षक शाखा, बाह्य प्रेषण शाखा, अभिलेख कोष्ठ और खाद्य शाखा के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है।
इस कार्रवाई से यह भी स्पष्ट हुआ कि रायपुर प्रशासन ने सरकारी बाबुओं के भ्रष्टाचार और अनुचित व्यवहार को रोकने के लिए सख्त दृष्टिकोण अपनाया है। तहसील कार्यालयों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए यह आदेश एक चेतावनी के रूप में भी देखा जा रहा है कि वे अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ पालन करें। सरकारी बाबुओं का यह अस्थायी तबादला आने वाले समय में प्रशासनिक सुधार और जनता को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के प्रयास का हिस्सा है। प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को नए पदस्थापनों पर अनुशासन और कार्यकुशलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।