Sarangarh-Bilaigarh. सारंगढ़-बिलाईगढ़। कलेक्टर डॉ. संजय कन्नौजे और पुलिस अधीक्षक आंजनेय वार्ष्णेय ने शनिवार को जिले की सीमा और ओडिशा के बॉर्डर पर स्थित अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट कंचनपुर और अमलीपाली का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य सीमा पर निगरानी बढ़ाना और अवैध धान परिवहन को रोकना था। कलेक्टर ने दोनों चेक पोस्टों में उपस्थित जांच दल के अधिकारियों और कर्मचारियों से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों का ब्यौरा लिया। उन्होंने रजिस्टर की जांच की और सुनिश्चित किया कि सभी प्रक्रियाएँ विधिवत और व्यवस्थित तरीके से हो रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने विद्युत व्यवस्था, रात्रि में अलाव जलाने और ठंड से बचने के लिए पर्याप्त कंबल और स्वेटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि यह कार्य निर्वाचन जैसी जिम्मेदारी की मांग करता है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी जवाबदेही और सतर्कता के साथ ड्यूटी करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों राज्यों के राहगीरों को सुविधा प्रदान करना आवश्यक है, लेकिन जो कोचिया या व्यापारी अवैध धान परिवहन कर रहे हैं, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी जांच दल पुख्ता चाक चौबंद होकर ड्यूटी करें और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक निरीक्षण नहीं, बल्कि अवैध धान परिवहन रोकने और किसानों के हितों की रक्षा से जुड़ा कार्य है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि नियमों के पालन में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इस अवसर पर एसडीएम वर्षा बंसल, तहसीलदार सरिया कोमल साहू, तहसीलदार बरमकेला मोहन साहू, पुष्पेन्द्र राज, खाद्य विभाग से विद्यानंद पटेल सहित पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और मंडी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी करें और नियमित रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें। जिला प्रशासन ने कहा कि यह निरीक्षण राज्य की सीमाओं पर सुरक्षा और निगरानी की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि चेक पोस्टों पर समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी जारी रहे ताकि अवैध धान और अन्य माल की तस्करी को रोका जा सके। इस आकस्मिक निरीक्षण के बाद प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया कि चेक पोस्टों पर कर्मचारियों की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखा जाए, और ड्यूटी पर किसी प्रकार की लापरवाही न हो। यह कदम जिले में धान व्यापार और तस्करी पर नियंत्रण के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है।