Jagdalpur. जगदलपुर। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने गुरुवार को तोकापाल और बास्तानार विकासखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मवालीभाटा में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण किया और फाइलेरिया नियंत्रण अभियान के तहत आयोजित दवाई वितरण कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने फाइलेरिया नियंत्रण की दवाई डीईसी (DEC) और कृमिनाशक दवाई एल्बेंडाजोल का सेवन कर लोगों को इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
स्वास्थ्य शिविर में स्थानीय लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों ने भी दवाइयों का सेवन किया। कलेक्टर और सीईओ ने बच्चों को समझाया कि यह दवाई उनके स्वास्थ्य और फाइलेरिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए आवश्यक है। उन्होंने उपस्थित लोगों को नियमित अंतराल पर दवाई लेने और स्वास्थ्य नियमों का पालन करने के लिए भी निर्देशित किया। इसके अलावा, कलेक्टर और सीईओ ने मवालीभाटा के हाईस्कूल का भी दौरा किया। वहां उन्होंने दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों के साथ बैठक कर बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने छात्रों को पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र हल करने, उत्तर पुस्तिकाओं में लेखन अभ्यास करने और आत्मविश्वास के साथ 6–8 घंटे पढ़ाई करने की सलाह दी। कलेक्टर ने छात्रों को परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए मानसिक तैयारी और समय प्रबंधन की महत्वपूर्ण बातें भी बताईं।
कलेक्टर आकाश छिकारा ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ही क्षेत्र बच्चों के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे दवाइयों का नियमित सेवन करें और परीक्षा की तैयारी में पूरी लगन के साथ जुटे रहें। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन ने कहा कि फाइलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए दवाई वितरण अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्थानीय नागरिकों से आग्रह किया कि वे बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों को दवा लेने के लिए प्रोत्साहित करें।
कार्यक्रम में तोकापाल और बास्तानार के स्वास्थ्य अधिकारी, विद्यालय शिक्षक और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता और अधिकारियों की सहभागिता की सराहना की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि स्वस्थ जीवन और शिक्षा एक साथ मिलकर समाज के विकास में योगदान देते हैं। फाइलेरिया नियंत्रण अभियान के दौरान दवाइयों का वितरण निरंतर जारी रहेगा। कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ ने इस कार्यक्रम को बच्चों और स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य के लिए एक सफल पहल बताया। अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि इस तरह के कार्यक्रमों से क्षेत्र में बीमारियों की रोकथाम के साथ-साथ बच्चों की शैक्षणिक उन्नति भी सुनिश्चित होगी।