Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर की यातायात व्यवस्था को बेहतर, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से आयोजित Traffic Hackathon 2026 का फाइनल प्रेजेंटेशन राउंड राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने यातायात से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अपने तकनीकी प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए। Traffic Hackathon 2026 के लिए 17 अगस्त से 17 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थीं। प्राप्त आवेदनों की दो स्तरों पर स्क्रूटनी के बाद छह प्रमुख विषयों के श्रेष्ठ प्रतिभागियों को अंतिम चरण के लिए चुना गया था। फाइनल राउंड में कुल 37 टीमों ने अपने प्रोजेक्ट और नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला और पुलिस उपायुक्त (यातायात एवं प्रोटोकॉल) डॉ. अर्चना झा ने विशेष रूप से कार्यक्रम का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के प्रोजेक्ट्स को देखा और उनकी कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने युवाओं द्वारा यातायात सुधार के लिए प्रस्तुत किए गए तकनीकी समाधानों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
विशेषज्ञ निर्णायक मंडल ने किया तकनीकी मूल्यांकन
प्रतियोगियों के प्रोजेक्ट्स के निष्पक्ष और तकनीकी मूल्यांकन के लिए विशेषज्ञ निर्णायक मंडल का गठन किया गया था। जूरी पैनल में डी.के. प्रधान (सेवानिवृत्त E-in-C, PWD), शलील राय श्रीवास्तव (E-in-C, NRDA), डॉ. सनी देओल (एसोसिएट प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग, NIT रायपुर), एस.एन. पाठक (पूर्व DGM, SAIL), स्नेहिल साहू (ACP, यातायात रायपुर) और गुरजीत सिंह (DSP रायपुर) शामिल रहे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में NIT रायपुर के सह प्राध्यापक डॉ. पवन मिश्रा भी मौजूद रहे। निर्णायक मंडल ने सभी टीमों के प्रोजेक्ट्स का तकनीकी आधार, व्यवहारिक उपयोगिता और यातायात व्यवस्था में संभावित प्रभाव के आधार पर परीक्षण किया।
छह प्रमुख विषयों पर प्रस्तुत किए गए प्रोजेक्ट
Hackathon में यातायात अभियांत्रिकी एवं प्रबंधन, पार्किंग प्रबंधन, गैर-मोटर चालित परिवहन, सार्वजनिक परिवहन एकीकरण, सुरक्षा एवं जाम समाधान तथा यातायात प्रबंधन में AI और IoT के उपयोग जैसे विषयों पर प्रतिभागियों ने अपने सुझाव और समाधान प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम, पार्किंग व्यवस्था में सुधार, भीड़ नियंत्रण, सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल से यातायात प्रबंधन को आसान बनाने से जुड़े विचार रखे। AI और IoT आधारित समाधान वाले प्रोजेक्ट्स में तकनीक के माध्यम से ट्रैफिक मॉनिटरिंग, जाम की पहचान और यातायात नियंत्रण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।
तकनीकी संस्थाओं का मिला सहयोग
कार्यक्रम में The Institution of Engineers (India), छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर की ओर से तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। डॉ. अजय त्रिपाठी (मानद सचिव), अरविंद रस्तोगी (Head, Technovations Bhilai), एस.एन. पाठक (पूर्व DGM, SAIL) और ए.वाई.वी. चेनुलू (DGM, CET/SAIL) ने तकनीकी मार्गदर्शन दिया।
जल्द घोषित होंगे विजेता
जूरी सदस्यों और तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा उत्कृष्ट, व्यावहारिक और तकनीक आधारित नवाचारों का मूल्यांकन किया गया है। विजेताओं की घोषणा जल्द की जाएगी। इसके बाद अलग से कार्यक्रम आयोजित कर विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा। पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने बताया कि Hackathon के दौरान मिले सुझावों का अध्ययन और विश्लेषण किया जाएगा। उपयोगी सुझावों को रायपुर शहर की यातायात व्यवस्था में सुधार के लिए भविष्य में लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा।