आत्मसमर्पित माओवादियों के विवाह समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

छग

Update: 2026-01-30 13:55 GMT
Narayanpur. नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज नारायणपुर जिले के हाईस्कूल मैदान में आयोजित आत्मसमर्पित माओवादियों के सामूहिक विवाह समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे चार नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह आयोजन बस्तर अंचल में शांति, विश्वास और पुनर्वास की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नवदंपतियों को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा और संघर्ष का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ना साहस और समझदारी का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास, रोजगार, शिक्षा और सामाजिक सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। विवाह जैसे सामाजिक आयोजनों के माध्यम से आत्मसमर्पित युवाओं को समाज से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने नवविवाहित जोड़ों को नए जीवन की सकारात्मक शुरुआत करने, समाज के साथ मिलकर आगे बढ़ने और सुखद एवं सम्मानपूर्ण दांपत्य जीवन जीने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह समारोह केवल विवाह का आयोजन नहीं, बल्कि विश्वास, पुनर्वास और मानवीय संवेदनाओं के साथ एक नई शुरुआत का सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और समाज के विभिन्न वर्गों की उपस्थिति में विवाह की सभी पारंपरिक रस्में संपन्न कराई गईं। नवविवाहित जोड़ों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर और नारायणपुर जैसे क्षेत्रों में शांति स्थापना के लिए केवल सुरक्षा बलों की कार्रवाई ही नहीं, बल्कि सामाजिक पुनर्वास और भरोसे का माहौल बनाना भी उतना ही आवश्यक है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी अब समाज का हिस्सा बनकर सामान्य जीवन जी रहे हैं, यह पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पित माओवादियों को आवास, कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इस प्रकार के आयोजनों से यह संदेश जाता है कि समाज उन्हें स्वीकार कर रहा है और उनके साथ खड़ा है। यह विवाह समारोह नारायणपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बस्तर क्षेत्र में शांति, विकास और मानवीय दृष्टिकोण की एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
Tags:    

Similar News