Durg. दुर्ग। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के अवसर पर दुर्ग जिले में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बच्चों के साथ अपनत्व और स्नेह का अनूठा उदाहरण पेश किया। मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में नौनिहालों के साथ पंगत में बैठकर न्योता भोज का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने बच्चों के साथ भोजन किया और उनसे आत्मीय बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बच्चों के साथ बैठकर भोजन करने के इस अवसर ने कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। बच्चों के बीच पहुंचकर मुख्यमंत्री ने उनके अनुभवों, पढ़ाई और स्कूल से जुड़ी गतिविधियों के बारे में बातचीत की। इस दौरान बच्चों के चेहरे पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।
न्योता भोज कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को सामूहिकता, अपनापन और पौष्टिक भोजन के महत्व से जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने इस पहल के माध्यम से बच्चों के साथ जुड़कर उन्हें यह संदेश दिया कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के भावनात्मक विकास और बेहतर वातावरण का निर्माण भी जरूरी है। भोजन के दौरान बच्चों की मासूम मुस्कान, सहज व्यवहार और बालसुलभ चंचलता ने पूरे माहौल को स्नेह और उल्लास से भर दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों के साथ समय बिताते हुए उनकी जिज्ञासाओं को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश के नौनिहाल ही छत्तीसगढ़ के भविष्य की नींव हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा, अच्छे संस्कार और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के सपनों को पूरा करने के लिए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल बच्चों के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं। यहां मिलने वाली शिक्षा और संस्कार बच्चों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके अंदर छिपी प्रतिभाओं को पहचानने और निखारने का काम करें।
स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों के माध्यम से राज्य सरकार बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। इन स्कूलों में आधुनिक संसाधनों के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। शाला प्रवेशोत्सव के जरिए नए विद्यार्थियों का स्वागत कर उन्हें शिक्षा के नए सफर के लिए प्रेरित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के साथ बच्चों के बीच बिताए गए इस समय ने कार्यक्रम को खास बना दिया। नन्हे बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में दिखाई देने वाले सपनों को मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ की उम्मीद बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का यह आयोजन बच्चों के लिए उत्साह और प्रेरणा का अवसर बना। मुख्यमंत्री के साथ भोजन और संवाद से बच्चों में खुशी का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और शिक्षकों ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की।