छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन का करियर बना मिसाल, सेवा विस्तार पाने वाले पहले IAS अधिकारी

छग

Update: 2025-08-21 18:46 GMT
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ के वरिष्ठतम प्रशासनिक अधिकारी और मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज (21 अगस्त 2025) अपने शानदार प्रशासनिक करियर के 36 साल पूरे कर लिए। 21 अगस्त 1989 को भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में चयनित हुए जैन ने जिला प्रशासन से लेकर केंद्र और राज्य सरकार में कई अहम जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। 30 जून 2025 को औपचारिक रूप से रिटायर होने के बाद उन्हें तीन माह का सेवा विस्तार मिला है और अब वे 30 सितंबर 2025 तक मुख्य सचिव पद पर बने रहेंगे। यह छत्तीसगढ़ के
प्रशासनिक
इतिहास में पहला अवसर है, जब किसी मुख्य सचिव को सेवानिवृत्ति के बाद सेवा विस्तार दिया गया हो।
दल्लीराजहरा से शुरू हुआ सफर
21 जून 1965 को दल्लीराजहरा (जिला बालोद) में जन्मे अमिताभ जैन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं से पूरी की। अविभाजित मध्यप्रदेश की 11वीं बोर्ड परीक्षा में उन्होंने टॉप किया। इसके बाद उन्होंने भोपाल से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और आईआईटी दिल्ली से Systems Management में मास्टर्स की डिग्री हासिल की।
1989 में बने IAS, पहली पोस्टिंग जबलपुर
1989 में UPSC पास करने के बाद उन्हें IAS में चयनित किया गया और मध्यप्रदेश कैडर मिला। जून 1990 में उनकी पहली नियुक्ति जबलपुर में Assistant Collector के रूप में हुई। इसके बाद वे नीमच के एसडीएम, सरगुजा में प्रोजेक्ट अधिकारी, ग्वालियर में Additional Collector और CEO के पद पर रहे।
कई जिलों में कलेक्टर, रायपुर में दो बार जिम्मेदारी
1997 से उन्होंने रायगढ़, छतरपुर, होशंगाबाद, राजगढ़ और नीमच जिलों में कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली। खास बात यह रही कि रायपुर के कलेक्टर पद पर उन्हें दो बार कार्य करने का अवसर मिला—पहली बार राज्य गठन के समय (2000-2003) और दूसरी बार 2004-2005 में।
राज्य सरकार में अहम भूमिकाएं
छत्तीसगढ़ गठन के बाद जैन ने वित्त, उद्योग, लोक निर्माण, जल संसाधन, वन, गृह, जेल और योजना जैसे प्रमुख विभागों में सचिव, प्रमुख सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव के रूप में काम किया। उनकी कार्यशैली और निर्णय क्षमता की वजह से उन्हें हमेशा सरकार का भरोसा मिला।
केंद्र सरकार और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान
सात साल तक उन्होंने केंद्र सरकार में सेवाएं दीं। वाणिज्य मंत्रालय में डायरेक्टर और संयुक्त सचिव रहते हुए विदेशी व्यापार नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में Minister (Economic) के रूप में भारत-यूके व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में बड़ा योगदान दिया।
सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्य सचिव
30 नवंबर 2020 को वे छत्तीसगढ़ के 12वें मुख्य सचिव नियुक्त हुए। पूर्व मुख्य सचिव राजेंद्र प्रसाद मंडल के सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली। लगातार चार साल तक मुख्य सचिव रहने के बाद वे 30 नवंबर 2024 को अपने कार्यकाल का एक बड़ा पड़ाव पूरा कर चुके थे। 30 जून 2025 को वे रिटायर हुए, लेकिन राज्य सरकार ने उनके अनुभव और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें तीन माह का सेवा विस्तार दिया। इस तरह वे छत्तीसगढ़ के सबसे लंबे कार्यकाल तक सेवा देने वाले मुख्य सचिव बने।
Tags:    

Similar News