CG: डायल-112 की तत्परता से वाहन में हुआ महिला का सुरक्षित प्रसव

छग

Update: 2026-06-16 12:52 GMT
Pendra. पेंड्रा। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक मामला सामने आया है, जहां एक गर्भवती महिला ने डायल-112 वाहन में ही सुरक्षित रूप से स्वस्थ बालक को जन्म दिया। समय पर मिली मदद और टीम की सूझबूझ से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। जानकारी के अनुसार, 15 जून को ग्राम गांगपुर निवासी मानसिंह ने डायल-112 पर कॉल कर बताया कि एक गर्भवती महिला को तेज प्रसव पीड़ा हो रही है और तत्काल सहायता की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही गौरेला फाल्कन-2 (खोडरी) टीम को मौके के लिए रवाना किया गया।

टीम में आरक्षक राजाराम बसंत और चालक संतोष राठौर तुरंत गांव पहुंचे और 22 वर्षीय सरस्वती मरपच्ची को परिजनों और मितानिन के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला ले जाने के लिए रवाना किया गया। महिला की स्थिति को देखते हुए टीम ने तत्काल एम्बुलेंस जैसी सुविधा उपलब्ध कराई। रास्ते में ग्राम गिरवर के पास महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बढ़ गई और स्थिति गंभीर हो गई। ऐसे में डायल-112 टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोका और तत्काल प्रसव की तैयारी शुरू की। महिला की गरिमा और गोपनीयता का ध्यान रखते हुए वाहन में पर्दे की व्यवस्था की गई।

इसके बाद परिजनों और मितानिन की सहायता से डायल-112 वाहन में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया। कुछ ही समय बाद सरस्वती मरपच्ची ने एक स्वस्थ बालक को जन्म दिया। प्रसव के बाद डायल-112 टीम ने जच्चा और बच्चे दोनों को सुरक्षित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गौरेला पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच कर दोनों को भर्ती किया। डॉक्टरों के अनुसार मां और नवजात दोनों की स्थिति सामान्य और स्थिर है। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने डायल-112 टीम की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की जमकर सराहना की। लोगों का कहना है कि समय पर मिली मदद के कारण एक सुरक्षित प्रसव संभव हो सका। यह घटना डायल-112 फेस-2 नेक्स्ट जनरेशन सेवा की तत्परता, जिम्मेदारी और आपातकालीन स्थितियों में जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता का एक उदाहरण बन गई है।
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