Balod. बालोद। जिले के मालीघोरी गांव में कपड़ा व्यापारी की गुमटी से 40 हजार रुपये के नए कपड़े चोरी हो जाने का मामला सामने आया है। अज्ञात चोरों ने बड़ी ही चालाकी से दुकान का ताला नहीं तोड़ा, बल्कि गुमटी का एंगल तोड़कर अंदर प्रवेश किया और कीमती कपड़े समेट ले गए। व्यापारी ने घटना की रिपोर्ट सामाजिक कार्यक्रम की व्यस्तता के कारण दो दिन बाद थाने में दर्ज कराई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम भेंडी निवासी और वर्तमान में ग्राम मालीघोरी में रहने वाले कपड़ा व्यापारी ने बिजली ऑफिस के सामने टीन की गुमटी बनाकर कपड़ों का व्यवसाय शुरू किया है। व्यापारी ने पुलिस को बताया कि 18 अगस्त की रात करीब 7 बजे वह रोज की तरह अपना कपड़ा समेटकर गुमटी में ताला लगाकर घर चला गया था। अगले दिन 19 अगस्त की सुबह 8:30 बजे उसने अपने साथी चुम्मन लाल को दुकान खोलने भेजा।
थोड़ी ही देर बाद चुम्मन लाल ने व्यापारी को फोन पर सूचना दी कि गुमटी का एंगल टूटा हुआ है, जबकि ताला सही सलामत है। उसे संदेह हुआ कि गुमटी में चोरी हुई है। सूचना मिलते ही व्यापारी मौके पर पहुंचा तो उसने पाया कि गुमटी का लोहे का एंगल किसी औजार से तोड़ा गया है। अंदर जाकर देखने पर पता चला कि दुकान में रखे नए कपड़े हेंगर समेत और 5 जंबू (पॉलीथीन के पैकेट में बंधे नए कपड़े) चोरी हो गए हैं। चोरी गए कपड़ों की अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई जा रही है। वारदात के दौरान चोरों ने जिस पाना (स्पैनर) का इस्तेमाल एंगल तोड़ने में किया था, उसे घटनास्थल पर ही छोड़ दिया। व्यापारी ने बताया कि घटना के बारे में उसने तत्काल अपने परिचितों तुलाराम यादव और तरुण कुमार सुरेंद्र को भी अवगत कराया। लेकिन सामाजिक कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण वह उसी दिन रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं पहुंच सका और अब जाकर पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी चोरी की छोटी-मोटी घटनाएं हो चुकी हैं। व्यापारी वर्ग लगातार असुरक्षा की भावना से गुजर रहा है। मालीघोरी जैसे ग्रामीण बाजारों में सीसीटीवी कैमरों की कमी और पुलिस की गश्त का अभाव चोरी की घटनाओं को अंजाम देने वालों को खुला मौका दे रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस ऐसी घटनाओं पर सख्ती से कार्रवाई करे और रात्रि गश्त बढ़ाए। पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और घटनास्थल से बरामद पाना सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि चोरों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी। यह घटना एक बार फिर से इस बात को उजागर करती है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के छोटे व्यापारी किस तरह से सुरक्षा व्यवस्था की कमी के चलते अपराधियों के निशाने पर रहते हैं। चोरी के इस मामले ने न केवल व्यापारी को आर्थिक नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में व्यापारियों और स्थानीय लोगों के बीच भय का माहौल भी पैदा कर दिया है।