नई दिल्ली; अगर आपका बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम बाकी है, तो उसे जल्द पूरा कर लेना बेहतर होगा। बैंक कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल 28 सितंबर से शुरू होने वाली है। इससे पहले ग्राहकों की सुविधा के लिए रविवार, 27 सितंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले रखने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक ने भी इस दिन बैंक शाखाओं और संबंधित कार्यालयों को चालू रखने की मंजूरी दी है।
हड़ताल 30 सितंबर तक प्रस्तावित है। ऐसे में शाखाओं में नकद लेन-देन, चेक क्लियरेंस और दूसरे काम प्रभावित हो सकते हैं।
10 साल बाद रविवार को बैंक खोलने का फैसला
रविवार को बैंक खोलने का यह फैसला ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक होने वाली परेशानी से बचाने के लिए लिया गया है। इससे पहले नोटबंदी के दौरान नवंबर 2016 में भी लोगों की जरूरतों को देखते हुए रविवार को बैंक खोले गए थे।
उस समय पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोट बदलने, जमा करने और नकदी निकालने के लिए बड़ी संख्या में लोग बैंक पहुंचे थे। इस बार भी हड़ताल से पहले ग्राहकों को जरूरी काम निपटाने के लिए अतिरिक्त दिन दिया गया है।
हालांकि, रविवार को सभी निजी बैंकों की शाखाएं खुलेंगी, ऐसा मानकर नहीं चलना चाहिए। ग्राहकों को अपनी बैंक शाखा से समय और उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि कर लेनी चाहिए।
हड़ताल में शामिल होंगी सात प्रमुख यूनियनें
बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। इसमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC जैसे संगठन शामिल हैं।
यूनियनों की प्रमुख मांग बैंकों में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना है। उनका कहना है कि जब तक इस मांग पर अमल की निश्चित तारीख नहीं बताई जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की ओर से हड़ताल टालने की अपील की गई है। हालांकि, यूनियनों ने अपना प्रस्तावित कार्यक्रम वापस नहीं लिया है।
हड़ताल के दौरान ATM से पैसे निकालने पर क्या होगा?
हड़ताल के दौरान ATM सेवाएं सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है, लेकिन नकदी की उपलब्धता संबंधित ATM में पैसे भरने और परिचालन पर निर्भर करेगी।
ATM से पैसे निकालने पर सामान्य बैंकिंग शुल्क के नियम लागू रहते हैं। अपने बैंक के ATM से हर महीने तय संख्या में मुफ्त ट्रांजैक्शन किए जा सकते हैं। दूसरे बैंक के ATM पर भी मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा लागू होती है। निर्धारित सीमा से ज्यादा इस्तेमाल करने पर बैंक शुल्क वसूल सकता है।
इसलिए यह मानना सही नहीं होगा कि हड़ताल के कारण मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म हो जाएगी या अतिरिक्त निकासी पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
डिजिटल बैंकिंग से निपटा सकते हैं कई काम
बैंक शाखाओं में कामकाज प्रभावित होने के बावजूद ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने और बैलेंस चेक करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहने की उम्मीद है।
हालांकि, चेक क्लियरेंस, शाखा में दस्तावेज जमा करने और काउंटर से जुड़े कुछ कामों में देरी हो सकती है। डिजिटल सेवाओं में भी किसी बैंक की तकनीकी समस्या होने पर अस्थायी रुकावट आ सकती है।
5-डे वर्किंग और PLI पर भी विवाद
पांच दिन के कार्य सप्ताह के अलावा परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव यानी PLI को लेकर भी बैंक यूनियनों और प्रबंधन के बीच मतभेद हैं। यूनियनें इस व्यवस्था पर भी आपत्ति जता रही हैं।
ग्राहकों के लिए बेहतर होगा कि वे जरूरी नकद निकासी, चेक और शाखा से जुड़े काम पहले ही निपटा लें। साथ ही, हड़ताल के दौरान अपनी बैंक की आधिकारिक सूचना देखते रहें, ताकि सेवाओं की उपलब्धता को लेकर भ्रम न रहे।
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