CG BREAKING: मुख्यमंत्री का फर्जी OSD बनकर आरोपी ने दी धमकी, गिरफ्तार

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Update: 2025-08-18 18:27 GMT
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में एनटीपीसी (NTPC) सीपत से जुड़ा एक बड़ा फर्जीवाड़ा और धमकी का मामला सामने आया है। पुलिस ने मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) बनकर एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक को डराने-धमकाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। यह मामला न केवल फर्जी कॉल का है बल्कि सरकारी पद का नाम लेकर गंभीर धमकी देने का भी है, जिससे सरकारी प्रतिष्ठान में अफरा-तफरी मच गई थी।
मामला कैसे खुला?
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाश सिंह राजपूत, पिता प्रमोद सिंह, निवासी खैरागढ़ (जिला खैरागढ़-गंडई-छुईखदान, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है। आरोपी ने हाल ही में एनटीपीसी सीपत के कार्यकारी निदेशक विजय कृष्ण पांडेय को फोन किया था। इस दौरान उसने स्वयं को मुख्यमंत्री के विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (OSD) ए.के. सिंह बताकर परिचय दिया। फोन पर आरोपी ने पावर स्टेशन बंद कराने और मटेरियल गेट के सामने पुलिया निर्माण को स्वीकृति न देने जैसी धमकी दी। इस धमकी से एनटीपीसी प्रबंधन सकते में आ गया। तत्काल इसकी शिकायत एनटीपीसी सीपत के अधिकारी जय प्रकाश सत्यकाम ने सीपत थाने में की।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही बिलासपुर पुलिस सक्रिय हुई। एसएसपी के निर्देश पर सीपत थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की। मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया और आरोपी का लोकेशन खैरागढ़ जिले में मिला। इसके बाद पुलिस टीम वहां पहुंची और आरोपी आकाश सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन जब्त कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस ने उसके खिलाफ मिथ्या प्रतिरूपण (Impersonation), धमकी और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि आरोपी ने सरकारी पद का नाम लेकर एक गंभीर अपराध किया है। उसकी इस हरकत से सरकारी कार्य में बाधा डालने और भ्रम फैलाने का प्रयास हुआ। आरोपी के खिलाफ न केवल आपराधिक मामला दर्ज हुआ है बल्कि पुलिस ने पृथक से प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की है, ताकि भविष्य में वह किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल न हो सके। साइबर सेल की भूमिका इस पूरे मामले में अहम रही। तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। यह घटना एक बार फिर साइबर अपराध और
फर्जी कॉल
से सतर्क रहने की जरूरत को उजागर करती है। एनटीपीसी सीपत प्रदेश का एक बड़ा पावर स्टेशन है, जहां हजारों कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की धमकी या अफवाह वहां कामकाज और सुरक्षा पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। आरोपी द्वारा सीएम के ओएसडी का नाम लेकर दिया गया फर्जी परिचय राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचाने वाला था। यही वजह है कि पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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