खिलाड़ियों को खेल परिसर में नहीं मिल रही सुविधाएं, जांच के आदेश
खेल परिसर
दंतेवाड़ा जिले के जावंगा स्थित एकलव्य खेल परिसर में रहकर विभिन्न खेलों का प्रशिक्षण ले रहे 150 से अधिक आदिवासी खिलाड़ियों ने परिसर की बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई गंभीर शिकायतें सामने रखी हैं। राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके खिलाड़ियों का आरोप है कि उन्हें कई बार जरूरी खेल सामग्री और यहां तक कि जूते भी अपने खर्च पर खरीदने पड़ते हैं।
खिलाड़ियों की शिकायतों ने उन सरकारी दावों पर सवाल खड़े किए हैं, जिनमें बस्तर की खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की बात कही जाती है। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि उनसे राज्य और देश के लिए पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है, तो अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए जरूरी संसाधन भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए।
खिलाड़ियों ने परिसर में मिलने वाली डाइट की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायत की है। उनका आरोप है कि दूध में पानी की मात्रा अधिक होती है और भोजन की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं है।हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बावजूद इसके, खिलाड़ियों की शिकायतों को देखते हुए परिसर में उपलब्ध कराई जा रही डाइट की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की जांच की जरूरत सामने आती है।खिलाड़ियों के मुताबिक शाम के समय मैदान में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था नहीं होने के कारण उनका अभ्यास प्रभावित होता है। उनका कहना है कि नियमित प्रशिक्षण के लिए मैदान में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जरूरी है।
मामले को लेकर दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव ने कहा कि भोजन को लेकर सामने आई शिकायतों की जांच कराई जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप डाइट उपलब्ध हो।
कलेक्टर ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और आधिकारिक दौरों को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जब भी बच्चे किसी आधिकारिक दौरे पर बाहर जाते हैं, तो उनके साथ शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी की ड्यूटी लगाई जाती है। संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी खिलाड़ियों की सुरक्षा और आवाजाही सुनिश्चित करना है।