Raigarh. रायगढ़। कोतरारोड थाना क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023 में हुए 11 वर्षीय बालक प्रीतम की हत्या के बहुचर्चित मामले में अदालत ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया। षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश अश्विनी कुमार चतुर्वेदी की अदालत ने आरोपिया भारती उर्फ उमा चौहान (19 वर्ष) को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की सख्त विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी अभियोजन के आधार पर संभव हो सका।
घटना का विवरण
दिनांक 24 मई 2023 को चिराईपानी निवासी 11 वर्षीय बालक प्रीतम शाम को खेलने निकला था, लेकिन रातभर घर नहीं लौटा। अगले दिन गांव की एक महिला ने सूचना दी कि स्कूल परिसर में एक बच्चा घायल अवस्था में पड़ा है। वहां पहुंचे परिजनों ने देखा कि प्रीतम की गला दबाकर और गर्दन तोड़कर हत्या कर दी गई थी।
जांच और खुलासा
कोतरारोड थाना पुलिस ने मर्ग क्रमांक 27/2023 दर्ज कर शव परीक्षण कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि हत्या पूर्वनियोजित थी। भारती उर्फ उमा चौहान नामक युवती पर शक गहराया, जिसे पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में सामने आया कि भारती ने ईंट और लोहे की गुप्ती से हमला कर हत्या की थी।
अदालत की कार्यवाही
अपर लोक अभियोजक तन्मय बनर्जी ने प्रभावी पैरवी करते हुए गवाहों, वैज्ञानिक साक्ष्य, और दस्तावेजों के माध्यम से अदालत को संतुष्ट किया। अंततः न्यायालय ने भारती उर्फ उमा चौहान को दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
पुलिस की उपलब्धि
इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने की, जो उनकी लगातार तीसरी हत्या के मामले में दोष सिद्ध कराई गई सजा है। रायगढ़ पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के नेतृत्व में गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने हेतु विशेष प्रशिक्षण और संवेदनशील जांच प्रणाली लागू की जा रही है।
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