Bemetara. बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा शहर में अवैध प्लाटिंग और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर अभियान चलाया। नगर पालिका परिषद और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर नियमों के विपरीत विकसित की जा रही अवैध प्लाटिंग को हटाया और अतिक्रमण पर कार्रवाई की। इस दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक अनुमति के प्लाटिंग करने और सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नगर पालिका प्रशासन के अनुसार, शहर में लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग बिना आवश्यक शासकीय अनुमति और निर्धारित नियमों का पालन किए प्लाट काटकर बेच रहे हैं। इससे न केवल शहरी विकास की योजना प्रभावित हो रही है, बल्कि आम नागरिकों को भी भविष्य में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। शिकायतों के आधार पर नगर पालिका परिषद और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से अभियान चलाकर अवैध प्लाटिंग वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की।
कार्रवाई के दौरान बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से विकसित किए जा रहे प्लाटों से जुड़े निर्माण और अतिक्रमण हटाए गए। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को समझाइश भी दी कि बिना अनुमति किसी भी प्रकार की प्लाटिंग करना कानून का उल्लंघन है और इसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नगर पालिका परिषद का कहना है कि अवैध प्लाटिंग का सबसे बड़ा नुकसान आम नागरिकों को उठाना पड़ता है। कई लोग अपनी जीवनभर की जमा-पूंजी लगाकर ऐसे प्लाट खरीद लेते हैं, लेकिन बाद में उन्हें सड़क, बिजली, पानी, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पातीं। इसके अलावा ऐसे मामलों में कानूनी विवाद भी सामने आते हैं, जिससे खरीदारों को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी कारण प्रशासन इस तरह की अवैध गतिविधियों पर सख्ती बरत रहा है।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) नरेंद्र वर्मा ने कहा कि नगर पालिका और राजस्व विभाग का संयुक्त अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना वैधानिक अनुमति प्लाटिंग करने वालों के साथ-साथ सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ भी नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित विकास और नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ काम कर रहा है। सीएमओ नरेंद्र वर्मा ने आम नागरिकों से विशेष अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्लाट को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति की पूरी तरह जांच अवश्य करें। संबंधित भूमि के दस्तावेज, नक्शा, डायवर्सन, कॉलोनी विकास की स्वीकृति और अन्य आवश्यक अनुमतियों की पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार का निवेश न करें। ऐसा करने से भविष्य में कानूनी विवादों और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।
प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य इलाकों में भी अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीमें लगातार सर्वे कर रही हैं। जिन स्थानों पर नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि अवैध प्लाटिंग पर प्रभावी रोक लगाने से शहर का नियोजित विकास सुनिश्चित होगा और नागरिकों को भविष्य में बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। साथ ही, वैध कॉलोनियों और अधिकृत आवासीय योजनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे शहर का संतुलित और व्यवस्थित विस्तार संभव हो सकेगा।