Korea. कोरिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कोरिया जिले में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम के दौरान बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए सहायक आयुक्त सहकारी संस्थाएं आयुष प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह कार्रवाई कार्य में लापरवाही और लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए की। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक ली, जिसमें आम लोगों से भी सीधे संवाद किया गया। इसी दौरान सहायक आयुक्त आयुष प्रताप सिंह के कार्यों को लेकर कई शिकायतें सामने आईं। शिकायतों में कार्यों में लापरवाही और आम लोगों की समस्याओं के निराकरण में उदासीनता की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने मामले को गंभीर मानते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को जनता से जुड़े मामलों में संवेदनशील और जवाबदेह होकर काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान करना है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र हितग्राहियों के आवास निर्माण कार्यों में तेजी लाई जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों को योजना का लाभ मिलना है, उन्हें समय पर मकान उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने लंबित मामलों को जल्द पूरा करने और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जिले की शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। हाल ही में आए परीक्षा परिणामों पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों से जवाब मांगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना बेहद जरूरी है और इसके लिए ठोस योजना बनाकर काम किया जाना चाहिए। उन्होंने कलेक्टर को निर्देश दिए कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता, शिक्षकों की उपस्थिति और विद्यार्थियों के प्रदर्शन की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। सुशासन तिहार के दौरान मुख्यमंत्री ने चौपाल लगाकर आम नागरिकों की समस्याएं भी सुनीं। लोगों ने सड़क, बिजली, पानी, राशन और अन्य जनसुविधाओं से जुड़े मुद्दे मुख्यमंत्री के सामने रखे। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए।