राजधानी के फार्म हाउस में रेव पार्टी, नशे में मिले 21 युवा

जनता से रिश्ता की खबर सच निकली और इसकी पुष्टि हुई।

आने वाले 15 दिन रायपुर पुलिस के चुनौतीपूर्ण रहेंगे क्योंकि ऐसे ही कई ऐसे युवा छुटभैया नेता रोजाना नंगी और ड्रग्स पार्टियों का आयोजन करते रहेंगे

पिछले 13 वर्षों से नशे की पार्टियों और फार्महाउस कल्चर का निरंतर पर्दाफाश

नए साल और क्रिसमस से पहले रोजाना हो रही नशे की पार्टियां, सतर्कता जरूरी

छत्तीसगढ़ में नाड़ा पैजामा छाप कांग्रेसी नेताओं का दबदबा और सांस्कृतिक पतन

नंगी पार्टी और फार्महाउस कल्चर, क्लब पार्टियों का लंबे समय से चलन

नेताओं के इशारे पर यह चलन आज तक नहीं रोका गया

कांग्रेस शासन में छोटे नेताओं ने बड़े नेताओं को प्रभावित करने के लिए न्यूड पार्टियों का जाल बिछाया था

वसूली के लिए विरोध... फिर खुद ही आयोजित करने लगे पार्टी

आम आदमी पार्टी के यूथ विंग के जिलाध्यक्ष डीजे विक्की अलग-अलग ठीहे बदलकर डांस और नशे की पार्टी करता था पुलिस के छापे के वक्त देवांश ठाकुर और डीजे विक्की के पास ड्रग्स भी बरामद हुआ छुटभैया नेताओं की नेता गिरी की चक्कर में बड़े पैसों के लेन-देन की खबर भी आ रही है ड्रग्स का मामला नहीं बनाकर छुटभैया नेता ने अपने कॉलर खड़े करके पूरे शहर में धाक जमाने की नाकाम कोशिश की लेकिन जनता से रिश्ता के पास पक्के सुबूत आये है कि ड्रग्स बरामद किया गया है।

डीजे विक्की ने खुद ही इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल में डांस क्लबों को ब्लैकमेल करने के उद्देश्य से कल ही नंगी और ड्रग्स पार्टियों के खिलाफ स्टेटस रखा था और दूसरे दिन खुद ही ड्रग्स और नंगी पार्टी करता रंगेहाथ पकड़ाया।

खबर ये भी आ रही है कि डीजे विक्की रायपुर के सभी क्लबों से पुलिस को ज्ञापन देने के नाम पर डरा-धमकाकर डांस पार्टी और क्लब रिसोर्ट और होटलों से जबरन उगाही कर पुलिस के नाम पर चमकाता था।

रायपुर। राजधानी रायपुर में नए साल और क्रिसमस से पहले नशे की पार्टियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पिरदा स्थित छ्वष्ठ फार्म हाउस में देर रात चल रही नशे और हुल्लड़बाजी वाली पार्टी पर दबिश देकर पुलिस ने 15 लडक़ों और 7 लड़कियों सहित कुल 22 लोगों के खिलाफ

प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में देवांश ठाकुर और विकास दास मानिकपुरी के पास से नशीले पदार्थ ड्रग्स भी बरामद किए गए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस पूरी पार्टी का आयोजन आम आदमी पार्टी के युवा नेता विकास दास मानिकपुरी, उर्फ डीजे विक्की, द्वारा किया गया था। रायपुर में डीजे विक्की को नशे की पार्टियों के आयोजक के तौर पर जाना जाता है।

इंस्टाग्राम स्टोरी से शुरू हुआ विवाद

चौंकाने वाली बात यह है कि कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले ही विकास दास मानिकपुरी ने अपने ढ्ढठ्ठह्यह्लड्डद्दह्म्ड्डद्व अकाउंट की स्टोरी में यह दावा किया था कि उसने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर शहर में पार्टियों को बंद करवाने की पहल की है। इसी स्टोरी के जरिए उसने शहर के क्लब संचालकों को डराने-धमकाने और उनसे पैसा वसूली करने का आरोप भी झेला। सूत्रों का कहना है कि क्लब संचालकों पर दबाव बनाने के बाद, विकास दास मानिकपुरी ने खुद ही एक अलग फार्महाउस पार्टी आयोजित की, जिसमें खुलेआम नशा और नंगाई हुल्लड़बाजी की जा रही थी। पुलिस की दबिश में उसी की पार्टी का भंडाफोड़ हो गया और डीजे विक्की खुद रंगेहाथ पकड़ा गया।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

दिनांक 17-18 दिसंबर 2025 की दरम्यानी रात पुलिस को सूचना मिली कि थाना विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ग्राम पिरदा स्थित छ्वष्ठ फार्म हाउस में कुछ युवक-युवतियां देर रात तेज आवाज में संगीत, शराब और नशे के साथ हुल्लड़बाजी कर रहे हैं। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना विधानसभा पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। पुलिस टीम ने देखा कि फार्म हाउस के भीतर लडक़े और लड़कियां नशे की हालत में पार्टी कर रहे थे। जब पुलिस ने उन्हें समझाइश देने और शांत कराने का प्रयास किया, तब भी वे पुलिस की मौजूदगी में हुल्लड़बाजी करते रहे, जिससे मौके पर अशांति का माहौल बन गया।

सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क राजनीतिक संरक्षण के तहत संचालित हो रहा है। पिछले कई सालों से छत्तीसगढ़ में ऐसे नशे और फार्महाउस कल्चरल पार्टियों का दौर चल रहा है, जिनमें कांग्रेसी नेताओं का दबदबा और इशारा शामिल रहा है। 2017 से नंगी पार्टी और क्लब पार्टीज का यह चलन जारी है और अब तक किसी ने इसे रोकने का साहस नहीं दिखाया। जनता से रिश्ता की लगातार जांच और रिपोर्टिंग ने इस पूरे खेल को उजागर किया। हमारी खबर की पुष्टि हुई और इसका प्रभाव पुलिस कार्रवाई के रूप में सामने आया। सूत्रों के अनुसार, नए साल से पहले ऐसी नशे की पार्टियों पर नियंत्रण करना प्रशासन के लिए जरूरी था। अब तक यह क्लब और फार्महाउस एक प्रकार से सांस्कृतिक और सामाजिक भ्रष्टाचार का गढ़ बन चुके थे।

पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है। सभी गिरफ्तार युवक-युवतियों से पूछताछ की जा रही है और इस पूरे काले कारोबार के पीछे के नेटवर्क, ड्रग्स की आपूर्ति और राजनीतिक संरक्षण की जांच की जा रही है। अधिकारी इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया को तेज कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के नेटवर्क से न केवल युवाओं का भविष्य खतरे में है, बल्कि यह पूरे समाज के नैतिक और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए भी चुनौती है। यदि ऐसे नेटवर्क को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया, तो इसका प्रभाव पूरे राज्य में फैलेगा और युवा नस्ल पर इसका घातक असर पड़ेगा।

यह कार्रवाई जनता और मीडिया की सतत निगरानी, खुलासे और खबरों के असर की स्पष्ट मिसाल है। पिछले 13 वर्षों से लगातार नशे और फार्महाउस पार्टियों का खुलासा करने के बाद अब प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। नए साल और क्रिसमस से पहले यह कार्रवाई युवाओं के लिए चेतावनी के रूप में भी देखी जा रही है। छ्वष्ठ फार्म हाउस की कार्रवाई केवल एक प्रारंभिक कदम है। पुलिस और प्रशासन पूरे राज्य में ऐसे असामाजिक तत्वों और नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि राज्य में संस्कृति और नैतिक मूल्यों को बिगाडऩे वाले ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह से कैसे समाप्त किया जाएगा और इसके पीछे राजनीतिक संरक्षण की भूमिका को कैसे उजागर किया जाएगा।

राजनीतिक संरक्षण का आरोप

सूत्रों का दावा है कि रायपुर और छत्तीसगढ़ के अन्य हिस्सों में चल रही नशे और अश्लील फार्महाउस पार्टियों के पीछे राजनीतिक संरक्षण रहा है। पिछले कई वर्षों से ऐसे आयोजनों में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता बताई जाती रही है। वर्ष 2017 से क्लब पार्टियों, फार्महाउस इवेंट्स और तथाकथित पार्टियों के नाम पर नशे का कारोबार फल-फूल रहा था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इन पार्टियों को सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का जामा पहनाकर युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा था। अब पुलिस और प्रशासन पर दबाव बढऩे के बाद इन गतिविधियों पर लगाम कसने की शुरुआत हुई है।

गिरफ्तार/कार्रवाई में शामिल आरोपी

पुलिस ने इस मामले में कुल 22 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिनमें प्रमुख रूप से देवेन्द्र साहू, गौरव जोशी, वैभव पाठक, मनीष वर्मा, निखिल वर्मा, जय प्रकाश महेश्वरी, दीपक धीवर, विकास दास मानिकपुरी (ष्ठछ्व विक्की), रितिक मिश्रा, रुपेन्द्र सिंह ठाकुर, तनजीत प्रीत सिंह, आलोक धर दीवान, शिवम आर्या, हरिओम दूबे और देवांश ठाकुर शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल शुरुआत है। नशे की पार्टियों के आयोजकों, ड्रग्स सप्लायर और पर्दे के पीछे मौजूद नेटवर्क की जांच की जा रही है। यदि राजनीतिक या अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। राजधानी रायपुर में इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और शहर की सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे आयोजनों पर अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

पार्टी में ड्रग्स भी मिला कार्रवाई क्यूं नहीं?

तलाशी के दौरान पुलिस ने देवांश ठाकुर और विकास दास मानिकपुरी के पास से नशीले पदार्थ बरामद किए। सभी 22 लोगों को नशे की हालत में पाए जाने पर थाना विधानसभा में प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि राजधानी में इस तरह की फार्महाउस और क्लब पार्टियां लंबे समय से चल रही थीं, लेकिन अब इन्हें सख्ती से रोका जाएगा। खासकर नए साल और क्रिसमस के मद्देनजर पुलिस पहले से अलर्ट मोड में है। सूत्रों की मानें तो, यह फार्महाउस केवल एक साधारण पार्टी हॉल नहीं है, बल्कि यह क्लब में चल रही आफ्टर पार्टी का गढ़ बन चुका है। पार्टी सुबह 5 बजे तक चलती है और इसमें विशेष रूप से बुलवाई गई लड़कियों को शामिल किया जाता है। सबसे भयावह तथ्य यह है कि कुछ लड़कियों के एचआईवी संक्रमित होने की पुष्ट जानकारी पहले से थी, फिर भी उन्हें रोज़ाना अलग-अलग लोगों को उपलब्ध कराया जा रहा था।

ड्रग्स के रेट होते तय

क्लब अब केवल अश्लीलता और जिस्मफरोशी का अड्डा नहीं है, बल्कि मादक पदार्थों के काले कारोबार का भी मुख्य केंद्र बन चुका है। छ्वष्ठ फार्म हाउस में एमडीएमए (8000/ग्राम), ब्राउन शुगर (5000/ग्राम), कोकेन (18,000/ग्राम), चि_ा (10,000/ग्राम), एसिड (2000/टिकट), मौली (?2000/टैबलेट) और हाइब्रिड मरीजुआना (4500/ग्राम) जैसे घातक नशे खुलेआम बेचे जा रहे थे। ये नशे केवल युवाओं की सेहत और भविष्य के लिए खतरा नहीं हैं, बल्कि पूरे समाज को बर्बादी की ओर धकेलने का ज़हर बन चुके हैं। असामाजिक तत्वों का यह संगठित नेटवर्क न केवल मादक पदार्थों की बिक्री करता है, बल्कि जिस्मफरोशी और अश्लीलता के जरिए समाज के नैतिक और सामाजिक मूल्यों को भी नुकसान पहुँचा रहा है।

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