Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक ऐसे शातिर युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिस अधिकारी बताकर शहर में घूम रहा था। मामला थाना पुरानी बस्ती क्षेत्र का है। आरोपी की पहचान आशीष घोष पिता प्रसून्न कुमार घोष (31 वर्ष), निवासी हनुमान वाटिका, भाठागांव, रायपुर के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक फर्जी आईडी कार्ड, क्रेटा कार, दो मोबाइल फोन, सोने के जेवर और 1,99,000 रुपये नकद बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी गई है।
वाहन चेकिंग में खुला राज़
पुलिस के मुताबिक, पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान क्रेटा कार (क्रमांक सीजी 04 एमएम 0024) को रोका गया। पूछताछ में चालक आशीष घोष संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका। जब पुलिस ने गहनता से जांच की तो उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताया और पहचान पत्र दिखाया।
जांच में सामने आया कि उसके पास मौजूद आईडी कार्ड फर्जी था।
आईडी कार्ड पर लिखा था: Card No.: 112/2019
नाम: UMESH KURREY
Rank: CONSTABLE
Valid for Five Years (ADG, EOW/ACB Chhattisgarh)
साथ ही कार्ड पर “ANTI CORRUPTION BUREAU EOW CHHATTISGARH” अंकित था।
लेकिन गौर करने पर पता चला कि आईडी कार्ड पर आरोपी आशीष घोष का ही फोटो चस्पा किया गया था। हस्ताक्षर भी अस्पष्ट थे और कार्ड संदिग्ध प्रतीत हुआ।
कार से मिला नकद, मोबाइल और जेवर
पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। सफेद रंग की टिन की प्लेट, जिस पर अंग्रेजी अक्षरों में संदिग्ध शब्द लिखे थे। लाल रंग के बैग में 1,99,000 रुपये नकद।
दो मोबाइल फोन।
सोने के जेवर और अन्य सामग्री।
इन सभी सामग्रियों की कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है।
लोक सेवक बनकर करता था धोखाधड़ी
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह फर्जी आईडी कार्ड का उपयोग खुद को पुलिस अधिकारी सिद्ध करने के लिए करता था। कार्ड को वह असली परिचय पत्र के रूप में पेश कर धोखाधड़ी और छल करने का प्रयोजन रखता था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से भोली-भाली जनता को गुमराह कर रहा था।
मामला दर्ज और जांच आगे बढ़ी
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना पुरानी बस्ती में अपराध क्रमांक 366/2025 दर्ज किया है। आरोपी पर धारा 204, 319(2), 336(3), 339, 340(2) बीएनएस के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। अदालत से आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेजा गया है, ताकि उसके मोबाइल फोन और फर्जी आईडी कार्ड से जुड़े साक्ष्य संकलित किए जा सकें। इसके अलावा आईडी कार्ड किसने बनाया और आरोपी किन-किन वारदातों में शामिल रहा है, इसकी भी जांच की जा रही है।
पुलिस की सख्त कार्यवाही
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का नेटवर्क बड़ा हो सकता है और उसके अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने फर्जी आईडी कार्ड का उपयोग कर अब तक कितने लोगों से ठगी की है। पुलिस का कहना है कि लोक सेवक का फर्जी रूप धारण करना गंभीर अपराध है और इससे आम जनता का भरोसा प्रभावित होता है। इसलिए इस तरह के अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद पुलिस ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि किसी भी संदिग्ध व्यक्ति पर भरोसा न करें, भले ही वह खुद को पुलिस अधिकारी बताए। पुलिस ने कहा कि असली पुलिसकर्मी की पहचान वर्दी, सरकारी वाहन और सही पहचान पत्र से आसानी से की जा सकती है। यदि किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि पर शक हो तो तुरंत नजदीकी थाने या डायल 112 पर सूचना दें।
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