Raipur. रायपुर। थाना आरंग क्षेत्र के ग्राम भोथली से एक घरेलू हिंसा और मारपीट का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम भोथली निवासी एक महिला ने अपने देवर पर गाली-गलौच, जान से मारने की धमकी और ईंट से हमला करने का आरोप लगाते हुए पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है और उसने कक्षा 12वीं तक पढ़ाई की है। पीड़िता के अनुसार, घटना 20 जनवरी 2026 को शाम लगभग 4.30 बजे की है। उस समय वह अपने घर पर मौजूद थी। इसी दौरान उसका देवर दीपक लोधी वहां पहुंचा और पैसे को लेकर विवाद करने लगा। महिला का आरोप है कि विवाद के दौरान दीपक लोधी ने पहले अश्लील गाली-गलौच की और फिर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने हाथ-मुक्कों से हमला किया और ईंट उठाकर मारपीट की।
मारपीट की इस घटना में पीड़िता के बाएं हाथ और सिर में चोटें आई हैं। महिला का कहना है कि हमले के दौरान वह खुद को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन आरोपी ने लगातार हमला किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मौके पर उसकी सास रेखा लोधी पहुंची, जिन्होंने पूरी घटना को अपनी आंखों से देखा और बीच-बचाव कर किसी तरह स्थिति को शांत कराया। यदि समय पर सास बीच में नहीं आती, तो घटना और भी गंभीर रूप ले सकती थी। पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद उसने तत्काल अपने भाई जितेंद्र लोधी, जो आरंग का निवासी है, को फोन कर पूरी जानकारी दी। भाई के कहने पर और परिजनों की सलाह से उसने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराने का फैसला किया। महिला का कहना है कि आरोपी देवर का व्यवहार पहले भी आक्रामक रहा है, लेकिन इस बार जानलेवा हमला किया गया, जिससे वह भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
पीड़िता ने थाना आरंग में दिए गए अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से कहा है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो। उसने यह भी कहा कि उसे और उसके परिवार को आरोपी से जान का खतरा है। इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि घरेलू विवादों में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय है और ऐसे मामलों में पुलिस को त्वरित व सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट और गवाहों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला एक बार फिर घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। पीड़िता को अब न्याय की उम्मीद है और वह चाहती है कि आरोपी को कानून के तहत सजा मिले।