Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में धार्मिक स्थल पर श्रद्धालु महिला के साथ गाली-गलौज और मारपीट का मामला सामने आया है। मामूली विवाद पर दो महिलाओं ने मिलकर पीड़िता पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गई। घटना सिविल लाइन स्थित बंजारी वाले बाबा की मजार की है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता अश्विनी मंडावी थाना सिविल लाइन रायपुर क्षेत्र में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहती हैं और पेशेंट केयर का काम करती हैं। उन्होंने बताया कि रविवार, 19 अक्टूबर 2025 की सुबह करीब 9 बजे वे मजार में प्रसाद खाने के बाद हाथ धोने गई थीं। जब वे वापस अपने सामान के पास आईं, तो वहां एक अज्ञात व्यक्ति का बैग पड़ा था। उन्होंने बैग को केवल किनारे हटाया, ताकि अपना सामान रख सकें, लेकिन इसी बात पर विवाद शुरू हो गया।
पीड़िता के मुताबिक, मजार में काम करने वाली दो महिलाएं गीता साहू और लक्ष्मी साहू वहां आ गईं और उन्होंने अचानक गाली-गलौज शुरू कर दी। उन्होंने अशोभनीय शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “कुतिया तू सामान क्यों हटा रही है?” और फिर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर एक राय होकर हाथ-मुक्कों से हमला किया। मारपीट के दौरान अश्विनी मंडावी के गले और शरीर पर चोटें आईं। उन्होंने बताया कि झगड़े के बीच उनका मंगलसूत्र वहीं गिरकर गायब हो गया। काफी तलाश के बाद भी वह नहीं मिला। घटना के वक्त आसपास मौजूद अंजली नेताम और दुर्गा ध्रुव ने पूरे मामले को देखा और बाद में पीड़िता को शांत कराया। पीड़िता ने बताया कि गीता और लक्ष्मी द्वारा दी गई गालियों से उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।
परिजनों से सलाह लेने के बाद उन्होंने थाना सिविल लाइन रायपुर पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। थाना प्रभारी सिविल लाइन ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों आरोपित महिलाओं के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि मंगलसूत्र की चोरी या गुमशुदगी की भी जांच की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि मजार पर हर रविवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा व्यवस्था या निगरानी का कोई पुख्ता इंतज़ाम नहीं होता। इस वजह से आए दिन छोटे विवाद बढ़कर झगड़े में बदल जाते हैं। फिलहाल पुलिस ने गीता साहू और लक्ष्मी साहू की तलाश शुरू कर दी है। जांच अधिकारी ने कहा है कि मजार परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी ताकि पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की जा सके।