टीपावन में जल संरक्षण रैली आयोजित, “जल है तो कल है” के नारों के साथ सुरक्षित भविष्य का संदेश

छग

Update: 2026-01-17 13:46 GMT
Balodabazar. बलौदाबाजार। रजत जयंती वर्ष 2025–26 के अवसर पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा पलारी विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत टीपावन में जल संरक्षण को लेकर विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शासकीय हाई स्कूल टीपावन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जल संरक्षण रैली के माध्यम से आमजन को जल के महत्व का संदेश दिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आने वाली पीढ़ी को जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूक करना तथा भविष्य में संभावित जल संकट से बचाव के लिए व्यवहारिक उपायों की जानकारी देना रहा। विद्यार्थियों ने हाथों में जल संरक्षण से संबंधित संदेशों की तख्तियां लेकर रैली निकाली और “जल है तो कल है”, “आज बचाएंगे जल, तभी बचेगा कल” जैसे प्रभावशाली नारों के माध्यम से जल बचाने का आह्वान किया। रैली विद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर आसपास के क्षेत्रों में भ्रमण करते हुए आम नागरिकों तक जल संरक्षण का संदेश पहुंचाया गया। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भू-जल स्तर संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा जल के अपव्यय को रोकने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिक्षकों ने बताया कि बढ़ती आबादी और बदलती जीवनशैली के कारण जल संसाधनों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। वर्षा जल संग्रहण को अपनाकर और घर-घर जल बचत की आदतें विकसित कर हम भविष्य के जल संकट को काफी हद तक रोक सकते हैं। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि पेयजल स्रोतों की सुरक्षा और स्वच्छता अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि दूषित जल से न केवल जल संकट बढ़ता है, बल्कि अनेक जलजनित बीमारियां भी फैलती हैं। सामुदायिक सहभागिता पर जोर देते हुए कहा गया कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सहभागिता से ही इसे सफल बनाया जा सकता है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे अपने दैनिक जीवन में पानी की बर्बादी रोकें, नल खुला न छोड़ें, वर्षा जल संचयन को अपनाएं और अपने परिवार एवं समाज में जल संरक्षण का संदेश फैलाएं। उन्होंने कहा कि बच्चे आज के नहीं, बल्कि कल के जिम्मेदार नागरिक हैं और यदि वे जल संरक्षण की आदतें अभी से अपनाएंगे, तो आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित किया जा सकता है। कार्यक्रम में जिला समन्वयक श्री मनोज कुमार राठौर, श्री राजकुमार कोसले, विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती रामकुमारी पटेल, संकुल केंद्र समन्वयक श्री कृष्ण कुमार फेकर सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। सभी ने जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी प्रेरित करने का संकल्प लिया।
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