होटल की तीसरी मंजिल से कूदकर युवती ने की सुसाइड की कोशिश, रायपुर में भर्ती

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Update: 2025-08-14 15:40 GMT
Baloda Bazaar. बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में बुधवार शाम एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। कसडोल थाना क्षेत्र में स्थित होटल ऑफ पैराडाइज की तीसरी मंजिल से एक 18 वर्षीय युवती ने कूदकर जान देने की कोशिश की। यह घटना न केवल मौके पर मौजूद लोगों को दहशत में डाल गई, बल्कि अब इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
घटना का विवरण
मिली जानकारी के अनुसार, सुसाइड की कोशिश करने वाली युवती का नाम दीपा बाघ है, जो राउत पारा इलाके की निवासी है। बताया जा रहा है कि वह मानसिक रूप से कमजोर है। दीपा के पिता धनीराम बाघ कसडोल के होटल ऑफ पैराडाइज में स्वीपर का काम करते हैं। बुधवार शाम करीब 5 बजे धनीराम अपनी बेटी को होटल लेकर पहुंचे थे। वह अक्सर अपने पिता के साथ होटल में आया-जाया करती थी। लेकिन इस बार जैसे ही वह होटल में दाखिल हुई, अचानक तीसरी मंजिल की छत पर पहुंच गई और छलांग लगाने के लिए किनारे पर खड़ी हो गई।


एक घंटे तक चला समझाने का प्रयास
दीपा को इस खतरनाक स्थिति में देखकर होटल स्टाफ, परिजन और मौके पर मौजूद लोग घबरा गए। सूचना मिलते ही कसडोल पुलिस भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी योगिता खपरडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने युवती को समझाने की कोशिश शुरू की। करीब एक घंटे तक पुलिस और परिजन उसे किनारे से हटने के लिए मनाते रहे, लेकिन सभी प्रयास असफल रहे। अचानक युवती ने छलांग लगा दी। लोग चीख उठे, और तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।
गंभीर रूप से घायल, रायपुर रेफर
छलांग लगाते ही दीपा गंभीर रूप से घायल हो गई। सबसे पहले उसे सीएचसी कसडोल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, परिजनों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रायपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है।


वीडियो वायरल, लेकिन शिकायत नहीं
इस पूरी घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में दीपा छत के किनारे खड़ी नजर आ रही है और नीचे पुलिस व परिजन उसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। छलांग लगाते ही लोगों में अफरा-तफरी मच जाती है। यह वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। थाना प्रभारी योगिता खपरडे ने बताया कि पीड़ित युवती मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसके परिजन इस बारे में जानते हैं। अब तक पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है।
पुलिस
ने फिलहाल मर्ग या अपराध दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू नहीं की है और परिवार की सहमति के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। इस घटना ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज की लापरवाही और जागरूकता की कमी को भी उजागर किया है। मानसिक रूप से कमजोर लोग अक्सर अवसाद और तनाव की स्थिति में खतरनाक कदम उठा लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लोगों को भावनात्मक सहयोग, काउंसलिंग और समय पर चिकित्सकीय मदद की सख्त जरूरत होती है।
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