Surajpur. सूरजपुर। जिले के पुलिस लाइन परिसर में राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह के तहत अग्नि सुरक्षा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में नगर सेना के अग्निशमन दल ने पुलिस अधिकारियों और जवानों को आग से बचाव और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के तरीके समझाए। यह मॉक ड्रिल डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर के निर्देश पर आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन दल ने आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले जरूरी उपायों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। जवानों को बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय शांत रहकर सही निर्णय लेना सबसे महत्वपूर्ण होता है। आग बुझाने के विभिन्न उपकरणों का उपयोग कैसे किया जाए और लोगों को सुरक्षित बाहर कैसे निकाला जाए, इसका भी प्रशिक्षण दिया गया।
डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि इस तरह की मॉक ड्रिल पुलिस और अग्निशमन दल के लिए बेहद उपयोगी होती है। उन्होंने कहा कि दोनों विभागों का मुख्य उद्देश्य लोगों की जान बचाना और नुकसान को कम करना है। उन्होंने जवानों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण को गंभीरता से लें और जरूरत पड़ने पर तुरंत इसका उपयोग करें। जिले में 14 से 20 अप्रैल तक राष्ट्रीय अग्नि सुरक्षा जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान अग्निशमन दल स्कूलों, कॉलेजों, औद्योगिक इकाइयों और अन्य प्रमुख स्थानों पर जाकर लोगों को आग से बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दे रहा है। अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ाना और दुर्घटनाओं के समय सही प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है।
जिला अग्निशमन अधिकारी संजय गुप्ता ने बताया कि आग लगने की स्थिति में सबसे पहले 101 या 112 नंबर पर कॉल करना चाहिए। साथ ही, यदि संभव हो तो बिजली का मुख्य स्विच तुरंत बंद कर देना चाहिए। छोटी आग लगने पर फायर एक्सटिंग्यूशर, रेत, मिट्टी या गीले कंबल का उपयोग कर उसे नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिजली या शॉर्ट सर्किट से लगी आग पर कभी भी पानी का उपयोग नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे खतरा बढ़ सकता है। धुएं से बचने के लिए झुककर या घुटनों के बल बाहर निकलना सुरक्षित तरीका माना जाता है। किसी भी स्थिति में लिफ्ट का उपयोग नहीं करना चाहिए और निकास मार्ग को खुला रखना जरूरी है।
गैस सिलेंडर से संबंधित आग के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी गई। यदि संभव हो तो सिलेंडर के रेगुलेटर को बंद करना चाहिए या उस पर गीला कपड़ा डालकर ऑक्सीजन की आपूर्ति को रोकना चाहिए। यदि आग नियंत्रण से बाहर हो जाए तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर दमकल के आने का इंतजार करना चाहिए। मॉक ड्रिल के माध्यम से जवानों को यह भी सिखाया गया कि आपात स्थिति में भीड़ न लगाएं और व्यवस्थित तरीके से लोगों को बाहर निकालने में सहयोग करें। इस प्रकार के अभ्यास से आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकती है।