जनता से रिश्ता पिछले 8 से 9 सालों से नंगी और नशा पार्टी के खिलाफ कर रहा लगातार खुलासा
क्लब में इंट्री फीस 80 हजार से लेकर 1 लाख के बीच जिसमें टेबल बुक किया जाता है इसमें किसी भी प्रकार की सरकार को राजस्व की वसूली नहीं होती जो कि 35 फीसदी इंटरटेरमेंट टैक्स के रूप में होनी थी
सिंगल इंट्री 5 हजार से लेकर 10 हजार के बीच बिना आबकारी टैक्स टिकिटो की बिक्री पर कोई रोक टोक नहीं शासन को करोड़ों की राजस्व हानि
अलग-अलग नामों से पार्टी लेकिन वेश्यावृति और नशे का सामान बिक्री मुख्य उपदेश्य
सामाजिक बुराई लेकिन अब आन बान शान माना जाने लगा
खुले आम जाम छलकाते और धुंए के छल्ले उड़ाते दिखते है प्रदेश के युवा
शहर में वेश्यालय बंद होने के बाद अब क्लब कल्चर प्राइवेट फार्म हाउस में भी वेश्यालय लगने लगे
रायपुर (जसेरि)। गुजरे ज़माने में हर शहर में वेश्यालय और मुजराखाना होता था जिसे लोग कई नामों से जानते थे। रायपुर में भी मालवीय रोड में एक गली हुआ करता था जिसे बाद में एक तेज तर्रार एसपी एस के पासवान और उनके जैसे ही एसडीएम अंजू बघेल ने बंद करवा दी थी और वहां के लोग शहर भर में फ़ैल गए थे। जो आज भी शहर के कई इलाकों में देखने को सुनंने को मिल ही जाता है। लेकिन आज के बिगड़े नवाबो, रईसजादों ने इसका स्वरुप ही बदल दिया है काम वही हो रहा है सिर्फ नाम बदल गया है और उसमें शासन की कार्रवाही भी नहीं हो पा रही थी क्योकि इसका नाम पार्टी का दे दिया है जिसने बड़े बड़े घरों के लोग हजारों और लाखो रूपये देकर पार्टी में शामिल रहने लगे हैं। कहीं टेक्नो पार्टी तो कहीं बर्थ दे पार्टी, कहीं न्यू कमर पार्टी, कहीं पर फ्रेशर पार्टी के नाम से आयोजित किया जाने लगा है। इन सभी पार्टी का एक ही मकसद होता है नशा और सेक्स। एक समय में इसे सामाजिक बुराई माना जाता था लेकिन आज ये पार्टी समाज और परिवार की शान मानी जाने लगी है जहाँ युवक और युवतियां नशा करके लडक़ी पसंद करके होटल और पार्टी आयोजित करने वालों व्दारा मुहैया कराये गए रूम में जाकर अय्याशी करते है। यानी मकसद एक ही है सिर्फ नाम बदल गया है। होटल,क्लब,फार्म हाउस और इवेंट करने वाले नशे के साथ विभिन्न राज्यों से लडक़ी भी बुलाने लगे हैं इसमें कुछ विदेशी लड़कियां भी होती है।
सबके रेट तय ये लोग ही करते हैं और नशे की हालत में युवा इनके साथ अय्याशी करते हैं। मजे की बात इन आयोजनकर्ताओं का दावा भी रहता है की पुलिस की रेड भी नहीं होगी हमारे इवेंट में, ऐसे बातों से युवाओं को झांसा में लेते हैं। पहले लोग चोरी छुपे दाल गली की ओर जाते थे लेकिन अब खुले आम शान से पार्टियों में जाने लगे हैं। और यह भी कहते हैं की पहले के लोग दकियानूसी थे और आज हम प्रगतिशील हो गए हैं। पैसा कमाने की होड़ ने आज युवाओं को हर उस बात से दूर कर दिया है जिससे समाज में नकारात्मक प्रभाव पड़े। पहले सो वीकेंड में इस प्रकार की पार्टी होती थी लेकिन युवाओं में नशे के डैम पर रोजाना पार्टी आयोजित कर रहे हैं , देखने में आ रहा है कि रायपुर के क्लबों में हजारों रुपये के हिसाब से टेबल बुकिंग की जाती है। केवल खड़े रहने का पाँच हज़ार रुपये एंट्री फ़ीस दे रहे हैं युवा। फार्म हाउस और क्लबों में सिर्फ यही काम हो रहा है और यहां भीड़ आने की वजह भी पार्टी के नाम पर नशा और वेश्यावृत्ति ही मानी जा रही है। आबकारी विभाग को करोड़ों रुपया एंटरटेनमेंट की टैक्स चोरी क्यों नहीं दिखती है, क्लब और फ़ार्म हाउस मालिक खुलेआम दादागिरी करके ये टेबल बुकिंग और खड़े होने का भी पैसा एंट्री फ़ीस के रूप ले रहे हैं। जिसमें शुद्ध रूप से छग सरकार को आबकारी टैक्स का नुकसान हो रहा है, इस चोरी को कौन रोकेगा। टैक्स चोरी गैर जमानतीय अपराध की श्रेणी में आता है।
रायपुर पुलिस के संज्ञान में लाने हेतु पिछले दिनों जनता से रिश्ता अख़बार ने अपने संवाददाता भेजकर वीआईपी रोड के अलावा नया रायपुर क्षेत्र में सभी फ़ार्म हाउस और क्लबों की पड़ताल की। जिसमें सच्चाई सामने आई कि एक्साइज़ चोरी करते क्लब और फ़ार्म हाउस प्रदेश के युवाओं को बिगाड़ते नशे के कारोबार में और नशीली पदार्थों की बिक्री में अवैध रूप से शामिल कर रहे हैं। शहर के सभी युवा क्लब पार्टी ख़ामोश कल्चर के लिए आकर्षित हो रहे हैं। इसका एकमात्र कारण है सुखा नशा दवाइयों का नशा जो खुलेआम क्लब और फ़ार्म हाउस के मालिक परोस रहे है। छत्तीसगढ़ रायपुर में पूरे देश के बड़े बड़े ब्रांडों के क्लब नया रायपुर, वीआईपी रोड, भाटागांव और शहर के आउटर में खुले हुए हैं। निर्धारित अवधि के उपरांत भी नशा परोसते ये वीआईपी कल्चर वाले क्लब और फ़ार्महाउस रात के 2 बजे ढाई बजे के बीच खुले रख कर नंगा नाच कर रहे है। प्रशासन की ओर से क्लब और फ़ार्म हाउस को रात्रि 12 बजे तक का समय दिया गया है लेकिन क्लब और फ़ार्म हाउस के मालिक इसकी परवाह बिलकुल नहीं करते बड़े बड़े नेताओं की नाड़ा पायजामा छाप नेता की ताक़त के बल पर खुलेआम कानूनों का उल्लंघन कर रहे हैं। एक्साइज़ चोरी के साथ साथ लडक़ी बाज़ी अलग से होती है, रात भर नशे का सामान बेइफऱात बेचा जाता है। रोजाना करोड़ों का नशा परोस रहे क्लब और फ़ार्म हाउस के मालिक, टिकट बेचकर एक्ससाइज चोरी कर रहे।
आबकारी विभाग हिस्सा मिलने के बाद चुप बैठा, ऐसा ही छग के प्रमुख संगठनो ने आरोप लगाया
आबकारी अमला भी करोड़ों के इंटरटेंमेंट टैक्स की चोरी में अपना हिस्सा लेकर चुप बैठा क्लब मालिक इंट्री फीस के नाम पर लाखों करोड़ों रुपए टिकट के तौर पर वसूल रहे। छत्तीसगढ़ सरकार को 6 हजार करोड़ से ज्यादा का सालाना नुकसान उठाना पड़ रहा है। केवल क्लब और फार्म हाउस से। क्लब नाइट डांस पार्टी फ़ार्म हाउस कल्चर रायपुर के युवाओं को बर्बाद कर्ता जीवन देने के लिए सभी प्रकार की तैयारी कर रखी है सूखा नशा टैबलेट का नशा दारू का नशा लडक़ी बाज़ी और क्रिकेट का सट्टा सभी चीज़ 1 ही जगह रात के 2 बजे तक उपलब्ध यही रायपुर के क्लब और फ़ार्म हाउस की कहानी है। बड़ी बड़ी रकम वसूलते क्लब और फ़ार्म हाउस एक्साइज़ चोरी खुलेआम कर रहे हैं। नक़ली दारू विदेशी दारु शराब के अवैध कंटेनर पर कंटेनर माल बेचते ये फ़ॉर्म हाउस और क्लब आबकारी विभाग अपनी कमाई से मस्त सरकार को चूना लगा रहे है। एंट्री फ़ीस पर फ़ॉर्म हाउस की एंट्री फ़ीस पर किसी भी प्रकार की आबकारी टैक्स नहीं देना है ग़ैर ज़मानती जुर्म है। शासन को बदनाम करते ये क्लब और आबकारी अधिकारी। राज्य शासन को राजस्व की करोड़ों की हानि भी भ्रष्ट अफसरों के कारण हो रही है, रातभर टेक्नो पार्टी के नाम से मशहूर नशे की पार्टी भी नया रायपुर स्थित स्टेडियम के पास क्लब में खुलेआम होता है। वहाँ पर दादागिरी करने वालों को छुटभैये नेताओं के संरक्षण में बाउंसरों द्वारा मारपीट और दादागिरी की जाती है। एक परमानेंट जाने वाले क्लब पार्टियों में युवाओं की टोलियों ने बताया कि यहाँ पर बड़े बड़े नेताओं का नाम लेके धौंस दिखाई जाती हैं। प्रदेश के सरकार के कई बड़े नाम लेकर सरकार को भी बदनाम किया जाता है।