“अपना सहारा जन सेवा समिति” के नाम पर 5.40 लाख की ठगी, 24 घंटे में ठगबाज गिरफ्तार

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Update: 2025-11-16 15:23 GMT
Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में टिकरापारा थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए “अपना सहारा जन सेवा कल्याण समिति” के नाम पर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी राजू बाघ को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने संस्था का अध्यक्ष बनकर सदस्य बनाने और मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 5,40,000 रुपये की ठगी की थी। एसपी लाल उमेद सिंह के निर्देश और सीएसपी राजेश देवांगन व थाना प्रभारी विनय सिंह बघेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा।

ऐसे हुई ठगी की शुरुआत
प्रार्थिया पुष्पा नामदेव, निवासी टिकरापारा, रायपुर ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को शिकायत दी थी कि वर्ष 2024 में सब्जी विक्रेता राजू बाघ से उसकी जान-पहचान हुई थी। बातचीत के दौरान राजू ने खुद को “अपना सहारा जन कल्याण सेवा समिति” का अध्यक्ष बताया और संस्था में सदस्य बनने पर मुनाफा कमाने का लालच दिया। शुरुआत में उसने 1 लाख रुपये की मांग की, जिस पर प्रार्थिया ने मार्च और अप्रैल 2024 में किश्तों के रूप में आरोपी के मोबाइल नंबर पर ऑनलाइन रकम भेजी। धीरे-धीरे आरोपी ने कुल 7 लाख रुपये तक प्रार्थिया से वसूले। बीच-बीच में कुछ छोटी रकम “प्रॉफिट” के नाम पर वापस भेजकर भरोसा भी दिलाता रहा, लेकिन बाद में पैसे देना बंद कर दिया। जब प्रार्थिया ने अपने स्तर पर जांच की, तो पता चला कि ऐसी कोई संस्था वास्तविक रूप से रोजगार या मुनाफा देने का काम नहीं करती। तब जाकर उसे ठगी का पता चला।

इकरारनामा भी हुआ था तैयार
जब प्रार्थिया ने दबाव बनाया, तब दिसंबर 2024 में आरोपी और प्रार्थिया के बीच एक इकरारनामा भी बना, जिसमें राजू बाघ ने 5,40,000 रुपये बाकी होने की बात मानी। लेकिन इसके बावजूद उसने रकम वापस नहीं की। जब प्रार्थिया ने पैसे की मांग की तो आरोपी ने अश्लील गाली-गलौज की, धमकाया और कोर्ट जाने पर “उठवा देने” की धमकी भी दी। साथ ही रायपुर में कहीं भी रहने पर जान से मरवाने की बात कही। जांच में यह भी पता चला कि राजू बाघ ने इसी फर्जी संस्था में सदस्य बनाने और मुनाफा देने का झांसा देकर अन्य लोगों से भी रकम ऐंठी है। वह संस्था के रसीद बुक, आईडी कार्ड, सील और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके लोगों को भ्रमित करता था।

कैसे पकड़ा गया आरोपी
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए टिकरापारा पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज किया। अपराध क्रमांक 930/25, धारा 318(4), 296, 351(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। 16 नवंबर को पुलिस ने प्रार्थिया और गवाहों के बयान दर्ज किए तथा आरोप से जुड़े सभी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और इकरारनामा जप्त किया। सूचना मिलने पर टीम ने BSUP कॉलोनी काठाडीह, थाना मुजगहन क्षेत्र में घेराबंदी कर आरोपी को उसके सकूनत से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह संस्था का अध्यक्ष होने का झूठा दावा करता था और इसी नाम पर लोगों से निवेश के नाम पर रकम लेकर उसे निजी ब्याज के काम में लगाता था। पुलिस ने उसके पास से संस्था से जुड़े सभी दस्तावेज, सील, पैड, मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य सामग्री जप्त कर ली है।

पुलिस टीम का सराहनीय प्रयास
इस पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक बालेश्वर लहरे, सिपाही सुरजीत सिंगर, दया शंकर शर्मा और अरुण की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने सक्रियता दिखाते हुए मात्र 24 घंटे में आरोपी को गिरफ्तार कर पीड़ित को न्याय दिलाने का मार्ग प्रशस्त किया।

गिरफ्तार आरोपी:
राजू बाघ पिता कमल बाघ, उम्र 42 वर्ष
स्थाई पता: इंद्राभाठा मोवा, थाना पंडरी मोवा
वर्तमान पता: BSUP कॉलोनी, काठाडीह, थाना मुजगहन, रायपुर
रायपुर पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संस्था या व्यक्ति के झांसे में आकर निवेश न करें और संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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