बीजापुर में 22 माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण, सरकार की पुनर्वास नीति का असर
छग
Bijapur. बीजापुर। बीजापुर में नक्सलवाद के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। विष्णुदेव सरकार की पुनर्वास नीति और "नियद नेल्लानार योजना" से प्रभावित होकर माओवादी लगातार मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इसी क्रम में, आज 11 लाख के इनामी 6 माओवादियों सहित कुल 22 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। समर्पण करने वालों में AOB डिवीजन पार्टी सदस्य, TSC तेलंगाना स्टेट कमेटी सहित अन्य कमेटियों के सदस्य शामिल हैं। यह आत्मसमर्पण नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सरकार की नीतियों और सुरक्षाबलों की प्रभावी रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का संकल्प है कि मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जवानों के शौर्य और रणनीतिक ताकत से बस्तर सहित पूरे प्रदेश से नक्सलवाद की काली छाया को समाप्त करने का अभियान तेज गति से जारी है। सरकार की प्रभावी योजनाओं, सुरक्षाबलों के बढ़ते दबाव और पुनर्वास नीतियों के कारण माओवादी आत्मसमर्पण को मजबूर हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास की नई उम्मीदें जगी हैं।