Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट पुलिस की तेलीबांधा थाना टीम और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। पुलिस ने ट्रक से 191 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 19 लाख 10 हजार रुपये बताई जा रही है। मामले में पश्चिम बंगाल के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई तेलीबांधा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस और एएनटीएफ की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक अशोक लीलैंड ट्रक के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा रायपुर होते हुए अन्य स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।
ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके भीतर छिपाकर रखा गया 191 किलो गांजा मिला। पुलिस ने मौके पर ही पूरी खेप को जब्त कर लिया। बरामद गांजे की कीमत लगभग 19.10 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे अशोक लीलैंड ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उनकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद लाल और मोहम्मद रूस्तम के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है।
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बीते कुछ समय से नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गांजा, अफीम, चरस और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल जब्त गांजे, ट्रक और अन्य साक्ष्यों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी का संबंध किसी अंतरराज्यीय गिरोह से तो नहीं है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।रायपुर। राजधानी रायपुर में सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत रायपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। कमिश्नरेट पुलिस की तेलीबांधा थाना टीम और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक ट्रक से भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। पुलिस ने ट्रक से 191 किलोग्राम गांजा जब्त किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 19 लाख 10 हजार रुपये बताई जा रही है। मामले में पश्चिम बंगाल के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई तेलीबांधा थाना क्षेत्र में की गई। पुलिस और एएनटीएफ की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक अशोक लीलैंड ट्रक के जरिए बड़ी मात्रा में गांजा रायपुर होते हुए अन्य स्थान पर ले जाया जा रहा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई और अग्रसेन धाम के पास सर्विस रोड पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोक लिया।
ट्रक की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके भीतर छिपाकर रखा गया 191 किलो गांजा मिला। पुलिस ने मौके पर ही पूरी खेप को जब्त कर लिया। बरामद गांजे की कीमत लगभग 19.10 लाख रुपये आंकी गई है। इसके अलावा तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे अशोक लीलैंड ट्रक को भी जब्त कर लिया गया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने ट्रक में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उनकी पहचान पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद लाल और मोहम्मद रूस्तम के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच के बाद दोनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह बड़ी खेप कहां से लाई गई थी और इसे किस स्थान तक पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता भी सामने आ सकती है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस आगे की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा बीते कुछ समय से नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। गांजा, अफीम, चरस और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। इसी अभियान के तहत यह बड़ी सफलता हाथ लगी है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जब्त गांजे, ट्रक और अन्य साक्ष्यों को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी का संबंध किसी अंतरराज्यीय गिरोह से तो नहीं है। मामले की विस्तृत विवेचना जारी है।