औरंगाबाद। जिले के बारुण इलाके में सोन नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से प्रशासन ने तटीय और निचले क्षेत्रों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में लगातार बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण नदी के जलप्रवाह में तेजी आई है। गुरुवार सुबह बराज से करीब 2 लाख 96 हजार 247 क्यूसेक पानी सोन नदी में छोड़े जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद नदी किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।

बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के आसपास जाने से बचने और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि जलप्रवाह में और वृद्धि होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने की आशंका को देखते हुए लगातार निगरानी की जा रही है।

इंद्रपुरी बराज के 40 गेट खोले गए

बारुण के बीडीओ नीरज कुमार के अनुसार, इंद्रपुरी बराज में कुल 69 गेट हैं। इनमें से फिलहाल 40 गेट खोल दिए गए हैं। बराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा को देखते हुए सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

बराज के कई गेट खोले जाने के बाद नदी में पानी का प्रवाह काफी तेज हो गया है। ऐसे में प्रशासन के सामने नदी किनारे बसे गांवों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता बन गई है। अधिकारियों और स्थानीय स्तर के कर्मियों को स्थिति पर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

नदी किनारे बसे गांवों में बढ़ी चिंता

सोन नदी के किनारे बसे गांवों में पानी बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को नदी में जाने, उसके किनारे अनावश्यक रूप से घूमने और तेज बहाव वाले स्थानों के करीब जाने से बचने की सलाह दी गई है। इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को नदी के आसपास नहीं जाने देने की अपील की गई है।

नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की स्थिति में दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।

निचले इलाकों पर विशेष निगरानी

बढ़ते जलप्रवाह को देखते हुए प्रशासन की नजर विशेष रूप से निचले इलाकों पर है। ऐसे क्षेत्रों में पानी के पहुंचने की संभावना अधिक रहती है। प्रशासन संभावित जलभराव वाले स्थानों की स्थिति का आकलन कर रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। नदी के जलस्तर और बराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में होने वाले बदलाव के आधार पर आगे के कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन की कोशिश है कि यदि किसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति गंभीर होती है तो वहां समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

लोगों से नदी से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी और जलभराव वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। खासतौर पर तेज बहाव के दौरान नदी पार करने या उसके किनारे जाकर स्थिति देखने की कोशिश न करें।

ग्रामीणों को यह भी कहा गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की ओर से जारी सूचना पर भरोसा करें। स्थानीय स्तर पर लोगों को जलस्तर बढ़ने की जानकारी देने और आवश्यक सावधानी बरतने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

बराज के पानी पर प्रशासन की नजर

इंद्रपुरी बराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा में बदलाव का सीधा असर सोन नदी के जलस्तर पर पड़ सकता है। इसलिए प्रशासन बराज से निकलने वाले पानी और नदी के प्रवाह की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

गुरुवार सुबह करीब 2.96 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना के बाद तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। बराज के 69 में से 40 गेट खुले होने के कारण आने वाले समय में जलप्रवाह की स्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

आपदा की स्थिति से निपटने की तैयारी

प्रशासन ने संभावित बाढ़ और जलभराव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का ध्यान उन इलाकों पर है जहां नदी का पानी बढ़ने पर सबसे पहले असर पड़ सकता है।

फिलहाल लोगों को सुरक्षित रहने और नदी से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जलस्तर में होने वाले किसी भी महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी के आधार पर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

सोन नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच बारुण क्षेत्र में हाई अलर्ट ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि प्रशासन की सक्रिय निगरानी और समय रहते जारी की गई चेतावनियों से लोगों को सतर्क रहने में मदद मिल रही है। अब सभी की नजर सोन नदी के जलस्तर और इंद्रपुरी बराज से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा पर बनी हुई है।

 

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