प्यार पाने के लिए 1000 किमी दूर पहुंची बिजनौर की सिदरा नाज, समस्तीपुर के कैलाश संग रचाई शादी
समस्तीपुर : भूख न जाने जुठा भात,नींद न जाने टूटी खाट,प्यार न जाने जात कुजात यह पंक्तियां जिसने भी कही है सच ही कही है क्योंकि प्यार है ही ऐसा कि इसमें धर्म-जाति-पाति कोई मायने नहीं रखती कुछ ऐसा ही हुआ है जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र में जहां प्यार पाने के लिए 1000 किलोमीटर की दूरी तय कर उत्तर प्रदेश के बिजनौर की रहने वाली सिदरा नाज नामक लड़की सिंघिया थाना क्षेत्र के बीहट गांव पहुंच गई जहां उसने दूसरे धर्म के युवक से शादी कर ली।
शादी के एक दिन बाद ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया। अरेस्ट होने से पहले नाज ने एक वीडियो भी बनाया था जिसमें वह कह रही है कि हमलोगों को मेरे पैरेंट्स से खतरा है। मामला समस्तीपुर जिले के सिंधिया थाना क्षेत्र के बिहट गांव की है। बिजनौर की रहने वाली 18 वर्षीय की सिदरा नाज और 24 साल के कैलाश चंद्र से शादी रीतिरिवाज के साथ बुधवार को हुई।
कैलाश चंद्र रोजी-रोटी के लिए करीब 3 साल पहले उतर प्रदेश के बिजनौर गया था। वहां पड़ोस में रहने वाली सिदरा नाज से प्रेम हो गया। लेकिन दोनों के प्यार के बीच उनका धर्म आड़े आ गया। दोनों ने ही अपने-अपने परिवार में शादी की बात की। किसी के परिजन नहीं माने। विवाद बढ़ने के कारण पिछले महीने ही वह वहां वापस अपने गांव लौट आया। इसके बाद बुधवार को सिदरा अपने घर से भागकर समस्तीपुर पहुंची। उसी दिन दोनों ने स्थानीय मनोकामना मंदिर में शादी की। युवती का पीछा करते-करते बिजनौर पुलिस भी समस्तीपुर के बिहट गांव पहुंच गई। बुधवार को शादी हुई और गुरुवार की शाम बिजनौर पुलिस ने दोनों को अरेस्ट कर लिया और उन्हें अपने साथ लेकर चली गई।
सिदरा के परिवार वालों ने कैलाश के खिलाफ अपहरण की प्राथमिकी स्थानीय थाना में दर्ज कराई थी। जाने से पहले सिदरा ने अपने एक वीडियो में कहा है कि हम लोग घर जाए तो हमें मार सकते हैं। पुलिस में जो शिकायत की है वो सब झूठी है।पुलिस गिरफ्त में आने से पहले सिदरा नाज ने बताया कि वह करीब 2 सालों से कैलाश चंद्र से प्रेम करती थी। घरवालों को इसकी भनक लगी तो दोनों को समझा बुझा कर मामला को शांत करा दिया गया था। दोनों के धर्म अलग होने के कारण परिवारवाले शादी के खिलाफ थे। उसने कहा कि वे दोनों बालिग हैं। अपनी जिंदगी का फैसला खुद कर सकते हैं। उसने हिंदू रीति-रिवाज के साथ शादी की है। वह कैलाश के साथ ही जीना और मरना चाहती है।