पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के फेसबुक पेज पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र टिप्पणियों वाला वीडियो पोस्ट किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा नेता ने शनिवार को कोतवाली थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया कि राजद के आधिकारिक फेसबुक पेज से एक ऐसा वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें भाजपा और उसके नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने इस वीडियो को लेकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

तेजस्वी यादव समेत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग

दानिश इकबाल ने अपने आवेदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, कमलेश यादव और एक यू-ट्यूब चैनल से जुड़े संबंधित व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया है। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है।

भाजपा नेता का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी दल या नेता के खिलाफ अपमानजनक भाषा और अभद्र टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के माध्यम से इस तरह की सामग्री प्रसारित करना समाज में गलत संदेश देता है और इससे राजनीतिक माहौल खराब हो सकता है।

पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही

कोतवाली थाना प्रभारी अजय कुमार ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भाजपा नेता की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की ओर से फिलहाल किसी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किए जाने की जानकारी नहीं दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पहले शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित वीडियो की जांच की जाएगी।

सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बढ़ा विवाद

राजनीतिक दलों के बीच सोशल मीडिया पर बयानबाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन कई बार आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवाद खड़े हो जाते हैं। चुनावी माहौल या राजनीतिक गतिविधियों के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए जाने वाले वीडियो और टिप्पणियों पर सभी दलों की नजर रहती है।

इस मामले में भाजपा ने राजद के खिलाफ आपत्ति जताई है और पुलिस से हस्तक्षेप की मांग की है। वहीं, शिकायत के बाद अब पुलिस जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वीडियो किसके द्वारा पोस्ट किया गया, उसमें इस्तेमाल की गई भाषा और सामग्री नियमों का उल्लंघन करती है या नहीं।

भाजपा ने कहा, अभिव्यक्ति की सीमा होनी चाहिए

भाजपा नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में सभी दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन राजनीतिक मतभेदों के बावजूद भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। दानिश इकबाल ने आरोप लगाया कि राजद के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया वीडियो राजनीतिक विरोध की सीमा से बाहर है।

उन्होंने पुलिस से आग्रह किया है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

राजद की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार

इस मामले में राजद की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। शिकायत के बाद राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।

फिलहाल पुलिस ने शिकायत को जांच में ले लिया है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे किस तरह की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर पहले भी कई बार विवाद सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और जांच एजेंसियां यह तय करती हैं कि संबंधित पोस्ट या वीडियो कानून के दायरे में आता है या नहीं। इस मामले में भी पुलिस की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।

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