आरा (बिहार)। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी), बिहार के सचिव बी. कार्तिकेय (IAS) ने लोक स्वास्थ्य प्रमंडल, आरा के अंतर्गत बड़हरा प्रखंड की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजनाओं की प्रगति, संचालन व्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की स्थिति का जायजा लिया।

सचिव के निरीक्षण का उद्देश्य यह देखना था कि सरकार की ओर से संचालित जलापूर्ति योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक सही तरीके से पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने मौके पर पहुंचकर योजनाओं की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली और अधिकारियों से आवश्यक बिंदुओं पर चर्चा की।

निरीक्षण के क्रम में सचिव बी. कार्तिकेय सबसे पहले बड़हरा प्रखंड की बबूरा पूर्वी पंचायत पहुंचे। यहां वार्ड संख्या-07 में संचालित जलापूर्ति योजना का उन्होंने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने उन्हें योजना से जुड़ी जानकारी दी और बताया कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीणों को घरेलू नल कनेक्शन के जरिए पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।

बताया गया कि बबूरा पूर्वी पंचायत के वार्ड संख्या-07 में जलापूर्ति योजना के तहत 60 घरों को घरेलू नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को नियमित रूप से पेयजल सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है।

सचिव ने जलापूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता और संचालन को लेकर अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने यह भी देखा कि योजना के तहत लगाए गए उपकरण और संसाधन सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से भी बातचीत कर पेयजल आपूर्ति को लेकर उनकी समस्याएं और सुझाव जाने।

निरीक्षण के दौरान सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है।

उन्होंने जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि किसी भी तकनीकी समस्या की स्थिति में तत्काल समाधान किया जाए, ताकि ग्रामीणों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

पीएचईडी सचिव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए विभाग की ओर से लगातार नई योजनाएं लागू की जा रही हैं और पहले से संचालित योजनाओं की समीक्षा भी की जा रही है।

निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने सचिव को क्षेत्र में चल रही अन्य जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति की जानकारी भी दी। उन्होंने योजनाओं की स्थिति, कार्य की गुणवत्ता और समय पर पूरा करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने भी जलापूर्ति योजना के संचालन को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने बताया कि घरेलू नल कनेक्शन मिलने से लोगों को काफी सुविधा हुई है। पहले जहां पानी के लिए दूर जाना पड़ता था, वहीं अब घर के पास ही पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

हालांकि, सचिव ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी लाभुकों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण पेयजल मिलता रहे। उन्होंने कहा कि केवल योजना स्थापित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका बेहतर संचालन और रखरखाव भी जरूरी है।

पीएचईडी विभाग की ओर से राज्य के विभिन्न जिलों में जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा की जा रही है। इसी क्रम में आरा जिले में भी योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।

सचिव के औचक निरीक्षण से विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों में भी सक्रियता देखी गई। अधिकारियों ने उन्हें भरोसा दिलाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए लगातार काम किया जाएगा।

फिलहाल बड़हरा प्रखंड में संचालित जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा के बाद विभाग ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया है। आने वाले समय में अन्य योजनाओं का भी निरीक्षण कर उनकी स्थिति की जांच की जाएगी।

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