नालंदा में मिड डे मील कांड नमक की जगह सर्फ मिलने से 24 बच्चे बीमार
बच्चों की थाली में पहुंचा सर्फ मिड डे मील मामले में जांच शुरू
नालंदा: बिहार के नालंदा जिले में सरकारी स्कूल के मिड-डे मील को लेकर बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। नूरसराय प्रखंड के मध्य विद्यालय परासी में बच्चों को परोसे गए भोजन में कथित तौर पर नमक की जगह कपड़े धोने वाला सर्फ (वाशिंग पाउडर) मिला दिया गया। खाना खाने के बाद 24 से अधिक बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
घटना के बाद स्कूल और आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। बीमार बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बच्चों की जांच की। कई बच्चों को उल्टी और चक्कर आने जैसी शिकायतें सामने आईं।
नमक की जगह गलती से मिला सर्फ
जानकारी के अनुसार, मध्य विद्यालय परासी में बच्चों के लिए तैयार किए जा रहे मिड-डे मील में नमक की जगह गलती से वाशिंग पाउडर डाल दिया गया। भोजन परोसे जाने के बाद बच्चों ने खाना खाया, जिसके कुछ समय बाद उनकी तबीयत खराब होने लगी। घटना की जानकारी मिलते ही स्कूल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। बच्चों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
अस्पताल में मचा हड़कंप
बच्चों के बीमार होने के बाद परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने बच्चों की हालत को लेकर चिंता जताई और स्कूल में भोजन तैयार करने की व्यवस्था पर सवाल उठाए। बताया गया कि कई बच्चों को एक साथ अस्पताल लाए जाने से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम स्कूल पहुंचकर भोजन तैयार करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल की गई सामग्री की जांच कर रही है। बिहार सरकार ने भी घटना को गंभीरता से लिया है। मंत्री श्रवण कुमार ने अस्पताल पहुंचकर बीमार बच्चों का हाल जाना और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया।
मिड-डे मील व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि सर्फ भोजन में कैसे पहुंचा और इसके लिए जिम्मेदार कौन है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।