आरा: इलाके में मादक पदार्थों की बिक्री का विरोध करना एक सामाजिक कार्यकर्ता के लिए कथित तौर पर जानलेवा साबित हुआ। आरोप है कि नशे के कारोबार का लगातार विरोध कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता के घर में हमलावर घुस गए और ‘मादक पदार्थ बंद कराओगे?’ कहते हुए उन्हें गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल सामाजिक कार्यकर्ता को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग की। वारदात के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग सड़क पर उतर आए। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की। सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती भी की गई।
घर में घुसकर मारी गोली
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता अपने इलाके में नशीले पदार्थों की कथित बिक्री का विरोध कर रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने इसे बंद कराने के लिए आवाज उठाई थी और संबंधित लोगों के खिलाफ शिकायतें भी की थीं। आरोप है कि इसी बात से नाराज कुछ लोग उनके घर पहुंचे। वहां पहले धमकी और विवाद हुआ, जिसके बाद सामाजिक कार्यकर्ता पर गोली चला दी गई। गोली लगते ही वह गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।
अस्पताल में तोड़ा दम
घायल सामाजिक कार्यकर्ता को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन गंभीर चोट के कारण उनकी मौत हो गई। मौत की खबर इलाके में पहुंचते ही लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सामाजिक कार्यकर्ता को मादक पदार्थों के कारोबार का विरोध करने के कारण निशाना बनाया गया। हालांकि हत्या की वास्तविक वजह और आरोपों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद होगी।
सड़क पर उतरे लोग
हत्या के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक लगाने की मांग की। सड़क जाम होने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हमलावरों की तलाश
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। हमलावर किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में भागे, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मृतक के परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच में महत्वपूर्ण होंगे। पुलिस यह भी पता लगाएगी कि सामाजिक कार्यकर्ता को घटना से पहले किसी तरह की धमकी मिली थी या नहीं और उन्होंने पहले किन लोगों के खिलाफ शिकायत की थी। मामले में मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े आरोप भी जांच के दायरे में हैं। यदि हत्या और कथित नशा कारोबार के बीच संबंध के साक्ष्य मिलते हैं तो जांच का दायरा बढ़ सकता है। सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बनी हुई है। फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ने और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह सामने लाने की है।
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