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नॉर्दर्न रेलवे की पहल 123 दृष्टिबाधित कर्मचारियों को मिले AI स्मार्ट ग्लास

nidhi
19 Aug 2026 10:00 AM IST
नॉर्दर्न रेलवे की पहल 123 दृष्टिबाधित कर्मचारियों को मिले AI स्मार्ट ग्लास
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नॉर्दर्न रेलवे ने बांटे स्मार्ट ग्लास 123 कर्मचारियों को मिलेगी नई सुविधा

नई दिल्ली: नॉर्दर्न रेलवे ने समावेशी कार्यस्थल की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने 123 दृष्टिबाधित कर्मचारियों को ज्योति AI स्मार्ट ग्लास उपलब्ध कराए हैं। इस तकनीक का उद्देश्य दृष्टिबाधित कर्मचारियों को कामकाज में अधिक स्वतंत्रता, सुविधा और आत्मविश्वास प्रदान करना है।

नॉर्दर्न रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने चाणक्यपुरी स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट ग्लास वितरित किए। यह पहल दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (PwBD Act), 2016 के प्रावधानों के अनुरूप की गई है।
पहले चरण में 16 कर्मचारियों को मिले स्मार्ट ग्लास
रेलवे के अनुसार, इस योजना के पहले चरण में मुख्यालय के 16 दृष्टिबाधित कर्मचारियों को ज्योति AI स्मार्ट ग्लास प्रदान किए गए। इसके बाद नॉर्दर्न रेलवे की विभिन्न इकाइयों में कुल 123 कर्मचारियों तक यह तकनीक पहुंचाई गई। इन स्मार्ट ग्लास की मदद से कर्मचारी अपने आसपास की वस्तुओं को पहचानने, लिखे हुए टेक्स्ट को समझने और दैनिक कार्यों को अधिक आसानी से करने में सक्षम होंगे।
AI तकनीक से बढ़ेगी काम करने की क्षमता
ज्योति AI स्मार्ट ग्लास कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कंप्यूटर विजन तकनीक पर आधारित हैं। यह डिवाइस वस्तुओं की पहचान, टेक्स्ट पढ़ने, रंग पहचानने और आसपास के वातावरण को समझने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। इस तकनीक से दृष्टिबाधित कर्मचारियों को कार्यालय और रोजमर्रा के कार्यों में दूसरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।
अलग-अलग रेलवे यूनिट में हुआ वितरण
नॉर्दर्न रेलवे ने बताया कि स्मार्ट ग्लास का वितरण विभिन्न मंडलों और वर्कशॉप में किया गया है। इनमें मुख्यालय, दिल्ली मंडल, लखनऊ मंडल, अंबाला मंडल, मुरादाबाद मंडल, फिरोजपुर मंडल, आलमबाग वर्कशॉप, जगाधरी वर्कशॉप और चारबाग वर्कशॉप शामिल हैं। रेलवे का कहना है कि यह पहल दिव्यांग कर्मचारियों को जरूरी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और उन्हें समान अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम है।
कर्मचारियों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान स्मार्ट ग्लास प्राप्त करने वाले कर्मचारियों ने इस तकनीक के उपयोग से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि यह उपकरण उनके काम को आसान बनाने और आत्मविश्वास बढ़ाने में मददगार साबित हो सकता है।
समावेशी भारत की दिशा में कदम
नॉर्दर्न रेलवे की यह पहल दिखाती है कि आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने के लिए किस तरह किया जा सकता है। AI आधारित सहायक उपकरण दृष्टिबाधित लोगों के लिए शिक्षा, रोजगार और स्वतंत्र जीवन में नई संभावनाएं खोल रहे हैं। रेलवे ने कहा कि भविष्य में भी दिव्यांग कर्मचारियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने और तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जाएगा।
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