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अमेरिका में मेटा के खिलाफ बड़ा मुकदमा सोशल मीडिया प्रभाव पर होगी जांच

nidhi
19 Aug 2026 6:44 AM IST
अमेरिका में मेटा के खिलाफ बड़ा मुकदमा सोशल मीडिया प्रभाव पर होगी जांच
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युवाओं की मानसिक सेहत पर मेटा घिरी अदालत में शुरू हुई अहम सुनवाई

वॉशिंगटन: सोशल मीडिया दिग्गज कंपनी मेटा (Meta Platforms) के खिलाफ अमेरिका में युवाओं की मानसिक सेहत से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई शुरू हो गई है। फेसबुक और इंस्टाग्राम को लेकर आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने ऐसे फीचर्स विकसित किए, जिनसे बच्चों और किशोरों को प्लेटफॉर्म पर ज्यादा समय बिताने के लिए प्रेरित किया गया और इसका उनकी मानसिक सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा।

यह मामला कैलिफोर्निया के ओकलैंड स्थित संघीय अदालत में चल रहा है, जहां कई
अमेरिकी राज्यों ने मेटा
के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। राज्यों का आरोप है कि फेसबुक और इंस्टाग्राम के डिजाइन में ऐसे तत्व शामिल हैं जो युवाओं को बार-बार प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए आकर्षित करते हैं। मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि मेटा को अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े संभावित मानसिक स्वास्थ्य जोखिमों की जानकारी थी, लेकिन कंपनी ने पर्याप्त कदम नहीं उठाए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि कंपनी ने यूजर एंगेजमेंट और मुनाफे को बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा प्राथमिकता दी।
सोशल मीडिया फीचर्स पर उठे सवाल
अमेरिकी राज्यों ने अदालत में दावा किया है कि इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स, जैसे अनंत स्क्रॉलिंग, एल्गोरिदम आधारित कंटेंट सुझाव और लगातार नोटिफिकेशन सिस्टम, युवाओं को लंबे समय तक ऑनलाइन रहने के लिए प्रभावित करते हैं। उनका कहना है कि इससे चिंता, तनाव और अन्य मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। मामले में पूर्व कर्मचारियों के बयानों और कंपनी के आंतरिक दस्तावेजों को भी अहम सबूत के रूप में पेश किया जा रहा है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि इन दस्तावेजों से पता चलता है कि कंपनी को युवाओं पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी थी।
मेटा ने आरोपों को किया खारिज
मेटा ने सभी आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों को गलत तरीके से पेश करते हैं। मेटा ने अदालत में कहा है कि वह बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए कई उपाय कर चुकी है और प्लेटफॉर्म को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार बदलाव किए जा रहे हैं।
कंपनी का तर्क है कि सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य के बीच सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। मेटा का कहना है कि युवाओं की ऑनलाइन सुरक्षा एक व्यापक सामाजिक मुद्दा है, जिसकी जिम्मेदारी केवल सोशल मीडिया कंपनियों की नहीं है।
फैसले का असर पूरे टेक सेक्टर पर पड़ सकता है
इस मामले को सोशल मीडिया उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर अदालत मेटा के खिलाफ फैसला देती है तो कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान के साथ-साथ अपने प्लेटफॉर्म के डिजाइन और सुरक्षा नीतियों में बड़े बदलाव करने पड़ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मामले का असर केवल मेटा तक सीमित नहीं रहेगा। टिकटॉक, यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया कंपनियों पर भी नए सुरक्षा मानकों को लागू करने का दबाव बढ़ सकता है।
बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा
अमेरिका में पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर बहस तेज हुई है। कई राज्यों और स्कूल जिलों ने टेक कंपनियों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। मेटा के खिलाफ चल रहा यह मुकदमा डिजिटल प्लेटफॉर्म की जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अदालत के फैसले से यह तय हो सकता है कि भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों को अपने उत्पादों और एल्गोरिदम में किस तरह के बदलाव करने होंगे।
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