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मेक इन इंडिया को बढ़ावा रक्षा मंत्रालय ने जारी की 405 नई स्वदेशी सूची

nidhi
19 Aug 2026 6:39 AM IST
मेक इन इंडिया को बढ़ावा रक्षा मंत्रालय ने जारी की 405 नई स्वदेशी सूची
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भारत का डिफेंस प्लान मजबूत 405 रक्षा उपकरणों के आयात पर लगेगी रोक
नई दिल्ली: भारत ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग (DDP) ने 405 रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सैन्य सामानों की छठी सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची (Positive Indigenisation List) जारी की है। इस सूची का उद्देश्य रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता कम करना और देश में ही सैन्य सामग्री के निर्माण को बढ़ावा देना है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस नई सूची में शामिल 405 रक्षा वस्तुओं का अनुमानित व्यापार मूल्य करीब 3,070 करोड़ रुपये है। इनमें भारतीय तटरक्षक बल की 16 वस्तुएं और रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) से जुड़ी 389 वस्तुएं शामिल हैं। इन सभी सामानों का स्वदेशी विकास और उत्पादन भारतीय उद्योगों के माध्यम से किया जाएगा।
इस सूची में सैन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण उपकरण शामिल हैं। इनमें एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH), लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA), Su-30MKI लड़ाकू विमान, T-72 और T-90 टैंक, BMP-2 जैसे बख्तरबंद वाहनों के कलपुर्जे और अन्य रक्षा प्रणालियों से जुड़े सामान शामिल हैं। इसके अलावा युद्धपोतों, मिसाइल प्रणालियों और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स से संबंधित उपकरणों को भी स्वदेशी बनाने की योजना है।
नई सूची में कोंकर्स-M, इनवार और MRSAM जैसी मिसाइल प्रणालियों से जुड़े उपकरण, रडार, सोनार, फायर कंट्रोल सिस्टम, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और हाई एक्सप्लोसिव एंटी-टैंक एम्युनिशन जैसे महत्वपूर्ण रक्षा सामान भी शामिल किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में इन सामानों की खरीद भारतीय कंपनियों से ही की जाए।
रक्षा मंत्रालय
ने बताया कि प्रत्येक सामान के स्वदेशीकरण के लिए एक तय समयसीमा निर्धारित की गई है। स्वदेशी विकास सफल होने के बाद इन वस्तुओं को घरेलू रक्षा उद्योग से खरीदा जाएगा। इससे भारतीय कंपनियों, स्टार्टअप्स और एमएसएमई सेक्टर को नए अवसर मिलने की उम्मीद है।
विदेशी निर्भरता कम करने की तैयारी
भारत पिछले कुछ वर्षों से रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर जोर दे रहा है। सरकार ने रक्षा क्षेत्र में घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची इसी अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत उन रक्षा वस्तुओं की पहचान की जाती है जिन्हें अब विदेशों से खरीदने के बजाय देश में बनाया जाएगा। रक्षा उत्पादन विभाग के सृजन पोर्टल के जरिए भी बड़ी संख्या में रक्षा उपकरणों को स्वदेशीकरण के लिए उपलब्ध कराया गया है। जून 2026 तक इस पोर्टल पर 33 हजार से अधिक रक्षा सामग्री स्वदेशी विकास के लिए सूचीबद्ध की जा चुकी हैं। इनमें पहली पांच स्वदेशीकरण सूचियों में शामिल 5,012 वस्तुएं भी शामिल हैं। सरकार के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में 15,700 से अधिक रक्षा सामानों का सफलतापूर्वक स्वदेशीकरण किया जा चुका है। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपये के आयात प्रतिस्थापन का अनुमान लगाया गया है।
घरेलू रक्षा उद्योग को मिलेगा बढ़ावा
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, 405 नई वस्तुओं को स्वदेशीकरण सूची में शामिल करने से देश के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। इससे भारतीय कंपनियों को नई तकनीक विकसित करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और वैश्विक रक्षा बाजार में अपनी भागीदारी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता केवल आयात कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश में रोजगार, अनुसंधान और तकनीकी विकास को भी गति देगी। नई स्वदेशीकरण सूची भारत को रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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