पंचायत चुनाव से पहले बड़ा बदलाव, जारी हुआ परिसीमन नोटिफिकेशन

Update: 2026-07-21 12:45 GMT

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पंचायतों के परिसीमन को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है। पंचायत राज विभाग ने पंचायत क्षेत्रों के पुनर्गठन के लिए विस्तृत अधिसूचना जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों का गठन करीब 7000 की आबादी के आधार पर किया जाएगा। वहीं पंचायत समिति क्षेत्र के लिए 5000 और जिला परिषद क्षेत्र के लिए 50 हजार की आबादी का मानक तय किया गया है।

विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि परिसीमन का आधार वर्ष 2011 की जनगणना को बनाया जाएगा। इसके अनुसार ग्राम पंचायत क्षेत्र, पंचायत समिति सदस्य क्षेत्र और जिला परिषद सदस्य क्षेत्र का निर्धारण किया जाएगा। पंचायतों के प्रत्येक वार्ड का गठन लगभग 500 की आबादी के आधार पर किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों के गठन में राजस्व ग्राम को आधार बनाया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिया है कि सामान्य स्थिति में एक गांव को विभाजित नहीं किया जाएगा। यदि किसी पंचायत के गठन के लिए एक से अधिक गांवों को शामिल करना जरूरी होगा, तो पंचायत का मुख्यालय अधिक आबादी वाले गांव में बनाया जाएगा।

परिसीमन के दौरान अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की अधिक आबादी वाले गांवों को भी प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। ऐसे गांवों को पंचायत मुख्यालय बनाए जाने पर भी विचार किया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि पंचायतों का गठन इस तरह किया जाए जिससे प्रशासनिक कामकाज आसान हो और सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।

अधिसूचना में परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अनुसार क्षेत्र निर्धारण की शुरुआत प्रखंड के उत्तर-पश्चिम हिस्से से की जाएगी और क्रमवार दक्षिण-पूर्व दिशा की ओर बढ़ते हुए परिसीमन पूरा किया जाएगा। जहां तक संभव होगा, पंचायतों की सीमाएं तय करने के लिए प्राकृतिक सीमाओं, सड़कों, रेलवे लाइन और अन्य सार्वजनिक स्थलों को आधार बनाया जाएगा।

पंचायत क्षेत्र के प्रारूप का प्रकाशन संबंधित ग्राम पंचायत कार्यालय, प्रखंड कार्यालय और जिला पदाधिकारी कार्यालय के सूचना पट पर किया जाएगा। इसके बाद आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी। अधिसूचना के अनुसार प्रकाशन की तारीख से 15 दिनों के भीतर लोग अपनी आपत्ति या सुझाव दर्ज करा सकेंगे।

प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की जांच के बाद जिला दंडाधिकारी अंतिम पंचायत क्षेत्र का निर्धारण करेंगे। इसके बाद अंतिम अधिसूचना जिला गजट में प्रकाशित की जाएगी। हालांकि पंचायत राज विभाग ने अभी परिसीमन प्रक्रिया शुरू करने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की है, लेकिन अधिसूचना जारी होने के बाद इसके जल्द शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।

पंचायत राज विभाग ने अधिसूचना को सभी संबंधित अधिकारियों तक भेज दिया है। जिला पंचायत राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने इसे अनुमंडल पदाधिकारियों से लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारियों तक आवश्यक कार्रवाई के लिए अग्रसारित कर दिया है।

इस परिसीमन प्रक्रिया के बाद पंचायतों की भौगोलिक सीमा और प्रतिनिधित्व व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। नई आबादी के आधार पर पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन होने से कई गांवों के पंचायत क्षेत्र बदल सकते हैं और नए वार्डों का गठन भी हो सकता है।

परिसीमन के मुख्य प्रावधान:

ग्राम पंचायत का गठन: 7000 की निकटतम आबादी के आधार पर

पंचायत समिति क्षेत्र: 5000 की निकटतम आबादी पर

जिला परिषद क्षेत्र: 50 हजार की निकटतम आबादी पर

वार्ड गठन: 500 की निकटतम आबादी पर

परिसीमन का आधार: 2011 की जनगणना

सुझाव और आपत्ति की अवधि: प्रारूप प्रकाशन के 15 दिन के भीतर

अंतिम घोषणा: जिला दंडाधिकारी द्वारा जिला गजट में प्रकाशित की जाएगी

पंचायत परिसीमन की यह प्रक्रिया आगामी पंचायत चुनावों की तैयारी का अहम हिस्सा मानी जा रही है। सरकार को उम्मीद है कि नए मानकों के आधार पर पंचायतों का बेहतर प्रशासनिक ढांचा तैयार हो सकेगा।

Tags:    

Similar News