शिक्षक दिवस पर बिहार में शिक्षकों का प्रदर्शन, 7वें वेतन आयोग और पुरानी पेंशन की मांग
Bihar बिहार। शिक्षक दिवस के अवसर पर बिहार के सरकारी शिक्षकों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। मोतिहारी में बिहार राज्य शिक्षक संघ के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। प्रदर्शनकारी शिक्षकों की प्रमुख मांगों में सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन और पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली शामिल है। शिक्षकों का कहना है कि उनकी सेवा शर्तों और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
शिक्षक नेता प्रवीण पांडेय ने कहा कि सरकार ने आठ वर्ष के अनुभव वाले अभ्यर्थियों के लिए परीक्षा आयोजित की थी और इस भर्ती प्रक्रिया में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) भर्ती संस्था थी। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया के बाद शिक्षकों की नियुक्ति जिले के विभिन्न सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रधान शिक्षक (Head Teacher) के पद पर हुई। प्रवीण पांडेय के अनुसार, नियुक्त किए गए प्रधान शिक्षक फिलहाल राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के दायरे में आते हैं। शिक्षकों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी सेवा शर्तों और पेंशन व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
शिक्षक दिवस जैसे अवसर पर प्रदर्शन के जरिए शिक्षकों ने सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वेतनमान और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट एवं सकारात्मक निर्णय लिया जाना चाहिए। मोतिहारी में हुए प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने बैनर और पोस्टर के साथ अपनी मांगें उठाईं और सरकार से जल्द समाधान की मांग की। शिक्षकों का आंदोलन राज्य के विभिन्न हिस्सों में उनकी लंबित मांगों को लेकर जारी विरोध का हिस्सा है।